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कोरोना से फीकी पड़ी रमजान की रौनक, मौलवियों की मस्जिदों में भीड़ बढ़ने से रोकने की अपील    

Fri, 16 Apr 2021 12:36 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत
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ramzan, फैनी - फोटो : amar ujala
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इस्लाम में सबसे मुकद्दस महीना रमजान का माना जाता है। इसमें मस्जिदों को सजाया जाता है परंतु इस साल भी ऐसा कुछ नहीं है। कोरोना की वजह से गुलजार रहने वाले बाजार सूने पड़े हैं। पिछले साल भी लॉकडाउन की वजह से रमजान महीने की रौनक फीकी पड़ गई थी। रमजान के पहले जुमा की नमाज पर खास बंदोबस्त रहेंगे। 
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कई राज्यों में लॉकडाउन, शहरों में नाइट कर्फ्यू के चलते रमजान में परेशानी हो रही है। एक वक्त था जब मस्जिदों में नमाजियों की भीड़ जुटती थी। बिट्टू खान ने बताया कि दो साल पहले तक शहर में रमजान की रौनक दिखाई देती थी।

अब सब कुछ बदला मगर इबादत का तरीका नहीं बदला। मुसलमान फर्ज, सुन्नत अदा कर रहे हैं। पहले और अब में इतना बदला कि रमजान के महीने में गुलजार रहने वाले बाजार अब बेनूर हो गए हैं। मस्जिदों में तरावीह की नमाज वक्त के हिसाब से हो रही है।
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मस्जिदों में नहीं उमड़ी रोजेदारों की भीड़
कोरोना गाइड लाइन का पालन करते हुए रोजेदार मस्जिदों में अधिक संख्या में नमाज पढ़ने नहीं पहुंचे। उन्होंने अपने-अपने घरों में नमाज पढ़ी। पूर्व में शाम के समय तरावीह पढ़ने के लिए मस्जिदों में भीड़ उमड़ती थी। इस बार सन्नाटा रहा। मस्जिदों में इमाम, मुअज्जिम व सेवादारों ने ही तरावीह पढ़ी। रोजेदारों ने कोरोना महामारी से मानवता को निजात के लिए दुआ मांगी।
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