इसके बाद गुर्जर ने दावा किया 'बहुत जल्द देश के सभी मौलाना हिंदू धर्म में वापसी करेंगे। एक दिन ऐसा भी आएगा जब मौलाना मदनी खुद फतवा देगा कि जिहादियों का सिर कलम कर दिया जाए।'
सियासी हलचल तेज
श्रावण मास की धार्मिक भावना के बीच इस तरह के बयान पर विपक्ष ने तुरंत प्रतिक्रिया दी है। सपा और कांग्रेस नेताओं ने इसे समाज में नफरत फैलाने वाला बयान बताया और निर्वाचन आयोग से कार्रवाई की मांग की है।
कई राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने विधायक के बयान को कांवड़ यात्रा जैसे धार्मिक आयोजन को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश करार दिया है। गौरतलब है कि नंदकिशोर गुर्जर पूर्व में भी अपने आक्रामक और भड़काऊ बयानों के चलते विवादों में रहे हैं।