खेल सुविधाओं का हाल ::::::::::
- पांच माह से जिले के खेल प्रशिक्षकों की संविदा नहीं बढ़ाने से हुई परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। जिले की खेल प्रतिभाएं राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर जिले का नाम रोशन कर रही हैं। मगर, जिले में खेल सुविधा और संसाधनों का टोटा बना हुआ है। खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए जिले के स्टेडियम में प्रशिक्षक ही नहीं है। कोच के अभाव में खिलाड़ियों का प्रशिक्षण प्रभावित हो रहा है।
जिले में तीन सरकारी स्टेडियम है। जिला क्रीड़ा हॉल बागपत के अलावा एक स्टेडियम खेकड़ा और बाबा शाहमल स्टेडियम बड़ौत में है। तीनों जगह खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देने के लिए संविदा पर कोच के सात पद स्वीकृत है। वर्ष 2019-20 में खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देने के लिए संविदा पर छह कोच नियुक्त किए गए थे। खेकड़ा स्टेडियम में एक क्रिकेट कोच, जिला क्रीड़ा हॉल में बॉक्सिंग तथा बाबा शाहमल स्टेडियम बड़ौत में शूटिंग, कुश्ती, वॉलीबाल तथा कबड्डी के कोच नियुक्त किए गए थे। 31 मार्च को स्टेडियम के सभी कोच की संविदा समाप्त होने के बाद न तो उनकी संविदा बढ़ाई गई और न ही नए कोच नियुक्त किए गए। कोच के अभाव में स्टेडियम में खिलाड़ियों को प्रशिक्षण नही मिल रहा है।
जिले के तीनों सरकारी स्टेडियमों में तैनात कोच की 31 मार्च को संविदा समाप्त हो गई थी। कोरोना महामारी के कारण कोच का चयन नहीं हो पाया है। - सरिता रानी, जिला क्रीड़ा अधिकारी।
बदहाल है खेकड़ा का स्टेडियम
बागपत। रखरखाव न होने के कारण खेकड़ा स्टेडियम बदहाल हो गया है। मैदान में हर जगह घास हो गई है। अभ्यास के लिए आने वाले खिलाड़ियों के लिए पेयजल की व्यवस्था भी नहीं है। जिला क्रीड़ा अधिकारी सरिता रानी का कहना है पूर्व में मैदान की सफाई कराई गई थी। अब फिर से सफाई कराई जाएगी। पेयजल के लिए स्टेडियम में टंकी की व्यवस्था कराई जाएगी।