बागपत के इदरीशपुर गांव में भट्ठे की लेवर को दी गई पेशगी वापस लेने गए ठेकेदार व उसके बेटे पर मजदूरों ने हमला बोल दिया और दोनों को बंधक बनाकर घोर यातनाएं दी। युवक किसी तरह उनके चंगुल से निकल भागा और इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना पर पुलिस गांव पहुंची और बंधक बनाए गए ठेकेदार को छुड़ाकर अपने साथ ले गई और घायल बाप-बेटे को सीएचसी पर भर्ती कराया।
घायल रियासत व उसका बेटा महबूब शिकोहपुर गांव के रहने वाले हैं। वे गांव में ही एक भट्ठे पर ईंट ढुलाई के ठेकेदार है। उन्होंने इदरीशपुर गांव में मजदूरों को 50 हजार रुपये पेशगी के तौर पर दिए थे, लेकिन जब मजदूर काम पर नहीं आए तो रविवार को दोनों बाप-बेटा इरीशपुर गांव पहुंचे और मजदूरों को रुपये वापस लौटने के लिए कहा। इस पर मजदूरों ने उन पर हमला बोल दिया और दोनों को बंधक बना लिया।
मजदूरों ने उनके साथ जमकर मारपीट की। महबूब किसी तरह उनके चंगुल से भाग निकला और मोबाइल फोन पर इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना पर पुलिस गांव पहुंची और बंधक बनाए गए रियासत को छुड़ाकर बड़ौत ले गई। पुलिस ने दोनों घायल बाप-बेटे को सीएचसी पर भर्ती कराया है। रियासत का आरोप है कि मजदूरों ने उनसे 20 हजार रुपये की नगदी भी लूट ली है। इस संबंध में उसने कोतवाली पर तहरीर दी है।