छपरौली में यूपी को हरियाणा से जोड़ने वाले पुल पर कार्य करती क्रेन
- फोटो : BAGHPAT
मीतली में भी इस साल मेडिकल कालेज का निर्माण शुरू नहीं हो पाया
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। वर्ष 2021 बीत गया। मगर, इस साल भी जिले में कई वर्ष से चल रहे विकास कार्य अधूरे पड़े है। बागपत के कुड़ी-टांडा के बीच यमुना नदी पर बनने वाले पुल का निर्माण नहीं हो सका। आज भी जिले के लोग नाव से नदी पार कर हरियाणा जाते है। मेरठ-बागपत हाइवे का निर्माण भी अधूरा है। इसका निर्माण पूरा न होने से लोगों का सफर मुसीबत भरा हो गया है। जगह-जगह गड्ढे होने के कारण हाईवे पर हादसों का डर लगा रहता है। मीतली में भी इस साल मेडिकल कालेज का निर्माण शुरू नहीं हो पाया है।
मनोहर लाल खट्टर ने 2017 में किया था उद्घाटन
वर्ष 2017 में छपरौली क्षेत्र को हरियाणा से जोड़ने के लिए हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर ने पुल का उद्घाटन किया था। 84 करोड़ की लागत से बनने वाले पुल का निर्माण इस साल में भी पूरा नहीं हो पाया है। पुल के पिलर भी पूरे नहीं हो सके है। टांडा में यमुना नदी पर पुल का निर्माण पूरा न होने के कारण लोगों को नाव के सहारे यमुना नदी पार करनी पड़ती है।
मेरठ-बागपत हाईवे का निर्माण भी अधूरा
बागपत से मेरठ बाईपास तक 43.71 किलोमीटर लंबे हाईवे का 371 करोड़ रुपये से कराया जा रहा है। दो साल पूरे होने के बावजूद निर्माण पूरा नहीं हुआ है। हाईवे में जगह-जगह गड्ढे होने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
शुरू नहीं हुआ मेडिकल कालेज का निर्माण
मीतली में 200 करोड़ रुपये से बनने वाले मेडिकल कॉलेज का निर्माण शुरू नहीं हो पाया है। मेडिकल कालेज के निर्माण के लिए चार जनवरी से टेंडर छोड़ने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। मेडिकल कॉलेज के निर्माण के लिए जमीन चिह्नित की जा चुकी है।