बागपत में जानलेवा बुखार से मौतों का सिलसिला जारी हैं। मंगलवार को रटौल गांव के कांग्रेस नेता समेत तीन की बुखार से मौत हो गई। अब तक बुखार जिले में 45 लोगों की जिंदगी लील चुका है। लगातार बढ़ते बुखार के प्रकोप से क्षेत्र में दहशत है।
गांव रटौल निवासी कांग्रेस के पूर्व ब्लाक अध्यक्ष नेता मोबीन चौधरी, पांच दिन से बुखार से पीड़ित थे। परिजनों ने पहले उनका गांव में ही इलाज कराया। हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों की सलाह पर परिजनों ने उन्हें दो दिन पूर्व दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में भर्ती कराया था। मंगलवार सुबह उनकी मौत हो गई।
इससे परिवार में कोहराम मच गया। सूचना पर पूर्व मंत्री मेराजूद्दीन समेत कई नेताओं ने उनके आवास पर पहुंचकर परिजनों को सांत्वना दी। रटौल गांव के ही जानआलम की एक वर्षीय बेटी उजेफा भी चार दिन से बुखार से ग्रस्त थी। उसका दिल्ली के निजी अस्पताल में उपचार चल रहा था।
मंगलवार को उसकी भी उपचार के दौरान मौत हो गई। इसके अलावा खामपुर लुहारी निवासी दीपक की पत्नी सविता देवी (25) भी एक सप्ताह से बुखार से पीड़ित थी। परिजनों ने पहले गांव के ही चिकित्सक से उपचार कराया। हालत में सुधार न होने पर उसे बड़ौत के निजी अस्पताल में भर्ती कराया।
जहां से सोमवार को हालत बिगड़ने पर दिल्ली के लिए रेफर कर दिया गया। मंगलवार को दिल्ली में ही उपचार के दौरान सविता की मौत हो गई। दीपक वर्तमान में निवाड़ा गांव की इंदिरा कॉलोनी में परिवार के साथ रहे है। उसके दो छोटे-छोटे बच्चे है। घटना से परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है।
इस बारे में सीएमओ डॉ. रविंद्र कुमार मिश्र का कहना है कि बुखार से हुई इन मौतों की उन्हें जानकारी नहीं है। गांवों में टीम भेजकर जांच कराई जाएगी।