जनपद में डेंगू का प्रकोप कम नहीं हो रहा है। यहां के एक और मरीज को डेंगू की पुष्टि हुई है। उसका मेरठ के अस्पताल में इलाज चल रहा है। बता दें कि डेंगू की जांच किट न होने के कारण जिला अस्पताल में जांच नहीं हो पा रही थी। अब किट आ जाने से दोबारा जांच शुरू हो गई है।
महिला-पुरूष और बच्चे सभी डेंगू की चपेट में आ रहे हैं। कई मरीजों की तो मौत भी हो चुकी है। जिला अस्पताल में भी दो दर्जन मरीजों को डेंगू की पुष्टि हो चुकी है। दो नवंबर को डेंगू की जांच किट खत्म हो गई थी।
उसके बाद मरीजों को चिकित्सक तुरंत रेफर कर देते थे। कई मरीजों को तो उनके परिजन सीधे ही मेरठ या दिल्ली के अस्पताल ले जा रहे हैं। मेरठ मेडिकल कालेज में दो मरीजों को डेंगू की पुष्टि हुई है।
इनमें से एक मरीज सोनू बागपत का है। उसका मेरठ में इलाज चल रहा है। इससे पहले जिला अस्पताल में बागपत के मोहल्ला ईदगाह निवासी वाजिद, माता कालोनी निवासी रेशमा, सद्दाम, नासिर, अली, अकाला, पुराना कस्बा निवासी राहुल, अग्रवाल मंडी टटीरी निवासी ममता, जिला अस्पताल के निकट रहने वाले रोहित, नंगला-बहलोलपुर निवासी सहिना, लोनी निवासी विकास, कासमाबाद दुड़भा निवासी रोहित, तिलपनी निवासी भूरी, निवाड़ा निवासी सहिदा को डेंगू की पुष्टि हो चुकी है। अस्पताल में दोबारा से डेंगू की जांच किट आ गई है।
पैथोलोजी लैब में जांच शुरू हो गई है। जिला अस्पताल में शुक्रवार को भी मरीजों की भीड़ रही। इनमें दर्जनों मरीज बुखार से ग्रस्त थे। उधर, सीएमएस डॉ. बीएलएस कुशवाहा का कहना है कि डेंगू के मरीज फिलहाल नहीं आ रही है। अधिकांश मरीज वायरल फीवर के है।
डेंगू के लक्षण
- तेज सिर दर्द व बुखार का होना
- मांसपेशियों तथा जोड़ों में दर्द होना
- जी मिचलाना एवं उल्टी होना
- गंभीर मामलों में नाक, मुंह, मसूड़ों से खून आना
डेंगू के उपाय
- तेज बुखार होने पर पैरासीटामॉल ले सकते हैं
- ठंडे पानी से शरीर को पोंछे
- दवाई चिकित्सकों की सलाह से लें
इन बातों का रखें ध्यान
घर के बर्तनों, कूलर, पानी की टंकी, घरों के आसपास पड़े टायर, टूटे लोहे व प्लास्टिक के पात्रों में पानी इकट्ठा न होने दे। क्योंकि, डेंगू के मच्छर इनमें ही पनपते हैं। मच्छरों के काटने से बचने के लिए शरीर को अधिक से अधिक ढकने के लिए उपयुक्त कपड़े पहने तथा मच्छरदानी लगाकर सोए।