श्रीराधा गोविंद गौड़ीय वेदांत ट्रस्ट के तत्वावधान में पंचवटी मंदिर में चल रही चैतन्य भगवतामृत कथा के पांचवें दिन कथा व्यास भक्ति वेदांत श्रीधर महाराज ने चैतन्य महाप्रभु की शिक्षाओं के बारे में बताया।
उन्होंने कहा कि जीवन में शुद्ध साधु संग बहुत जरूरी है। साधु संग की महिमा बताते हुए महाराज ने बताया कि साधु संग से मनुष्य ही नहीं कीट-पतंगों सभी का उद्धार होता है। एक बार महाप्रभु जगन्नाथ पुरी से झारखंड के जंगलों से होते हुए वृंदावन जा रहे थे, रास्ते में उन्हें बहुत प्रकार के जंगली जानवर मिले।
चैतन्य महाप्रभु ने उन सभी को प्यार किया, तो वे सभी पक्षी और जानवर उनकी भाव अवस्था को देखकर मंत्र -मुग्ध हो गए । इसके बाद श्रीधर महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की कथा सुनाई। कथा में चिराग अग्रवाल, सचिन कुच्छल, कमल जिन्दल, श्रीराम गुप्ता, राखी शर्मा, राम निवास कटारिया, दीपक, गौरव कुच्छल, सुनील अरोरा, कामता प्रसाद गुप्ता आदि भक्तों ने भाग लिया।