बड़ौत। चिपकों आंदोलन के नेता एवं पर्यावरणविद सुंदर लाल बहुगुणा के निधन से नगर में शोक की लहर दौड़ गयी। पर्यावरणविद कई बार बड़ौत में आए थे। उन्होंने लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक किया था।
नगर निवासी डॉ. अनुराग मित्तल बताते हैं कि छात्र जीवन से ही बहुगुणा के साथ हिमालय बचाओ आंदोलन से जुड़े रहे। 24 मार्च 1993 में पर्यावरणविद सुंदर लाल बहुगुणा हमारे आवास पर पर्यावरण एवं विश्व शांति के लिए आयोजित संगोष्ठी में भाग लेने आए थे। जिसमें उन्होंने कहा था कि हमने अपनी मिट्टी को रासायनिक डाल कर नशेबाज बना दिया है। ऐसी स्थिति में धरती बंजर हो जाएगी। पर्यावरण असंतुलित हो जाएगा। उन्होंने कई बार नगर में आकर लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया और कहा था कि यदि ऐसी ही स्थिती रही तो आने वाले दिनों में हमें पेड़ो की खेती करनी होगी। उनकी आज भी बहुत सी बातें नगरवासियों को याद हैं।