18 से कम और 65 वर्ष से ज्यादा उम्र वालों की हज यात्रा पर रोक
हज अवधि में भी 5 से 10 दिन की कटौती
बड़ौत। कोरोना के कारण हज यात्रा के नियमों में बदलाव किया गया है। 18 वर्ष से कम उम्र के किशोर और 65 साल से ज्यादा के बुजुर्ग हज पर नहीं जा सकेंगे। हज के दिनों में पांच से दस दिन की कटौती कर दी है। इसके अलावा हज यात्रा के लिए पहले की अपेक्षा पैसा भी अधिक खर्च करना पड़ेगा।
पिछले वर्ष कोरोना के चलते सऊदी अरब सरकार ने हज पर रोक लगा दी थी। लाखों आवेदकों को पैसा वापस लौटाया गया। इस वर्ष सऊदी अरब ने कुछ शर्तों के साथ वर्ष 2021 में हज यात्रा की अनुमति दे दी है। सात नवंबर से हज कमेटी ऑफ इंडिया ने आनलाइन आवेदन लेने शुरू कर दिए हैं। यानी आज 10 दिसंबर तक आवेदन की अंतिम तिथि है। हज कमेटी ने यह बात साफ कर दी है कि सऊदी अरब द्वारा जारी हज प्रोटोकाल, नियम-कानून पर अमल करने पर ही अनुमति मिलेगी। आवेदन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी हज पर रवानगी तभी मुमकिन होगी जब सऊदी अरब अंतिम रूप से इसके दिशा-निर्देश अनुमति जारी कर दे।
बागपत से 170 ने किया आवेदन
बड़ौत। हज कमेटी ऑफ इंडिया में बागपत से 170 हज यात्रियों ने आवेदन किया है। जबकि यहां से लगभग 220 हज यात्रियों का कोटा है। जिला हज ट्रेनर रियाज ने बताया कि वर्ष 2017 में 190, 2018 में 220 व 2019 में 240 हज यात्री हज करने गए थे, जबकि वर्ष 2020 में कुल 250 हज यात्रियों ने आवेदन किया है, लेकिन यात्रा को रद्द कर दिया गया था। अब 2021 में 170 हज यात्रियों ने आवेदन कर रखा है। इनमें 110 से 120 हज यात्रियों के आवेदन वापस लेने की संभावना है।
ये बोल हज टे्रनर-
बड़ौत। जिला हज ट्रेनर रियाज व फूंसवाली मस्जिद के इमाम व जिला हज संरक्षण मौलाना आरिफ उल हक का कहना है देश में शांति व्यवस्था व आपसी भाईचारे की दुआ मांगने के लिए सैकड़ों हज यात्री जनपद से रवाना होते हैं। उन्होंने बताया कि हज यात्रा में से पहले सभी हाजी अपना मेडिकल प्रमाण पत्र बनवा ले ताकि हज यात्रा के दौरान किसी प्रकार की दिक्कतें न हो। बताया कि इस बार कोरोना वायरस से शांति की दुआ करें।