चीफ इंजीनियर ने क्षेत्र में पूर्व में कटे विद्युत कनेक्शन जांचे
बड़ौत (बागपत)। अमर उजाला मेें प्रमुखता से प्रकाशित खबर बिजली चोरी से लड़खड़ाई आपूर्ति से ऊर्जा निगम के अफसरों में हड़कंप मच गया। एमडी के निर्देश पर बुधवार को वाणिज्यिक विभाग मेरठ के चीफ इंजीनियर ने बड़ौत टाऊन और देहात क्षेत्र में स्वयं जाकर पूर्व मेें कटे विद्युत कनेक्शनों की जांच की तो कई विद्युत कनेक्शन बिना सूचना दिए जुडे़ मिले। इसके बाद चीफ इंजीनियर ने नाराजगी जताई और संबंधित उपभोक्ताओं के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिए। साथ ही विभागीय कर्मचारियों की मीटिंग में राजस्व वसूली का लक्ष्य बढ़ाने पर बल दिया।
उल्लेखनीय है कि नगर में चेकिंग के दौरान काटे गए विद्युत कनेक्शन विभागीय टीम को मिल रहे हैं। इससे हर माह विभाग को लाखों का नुकसान पहुंच रहा है, यह खेल कर्मचारियों की मिलीभगत से चल रहा है। बुधवार के अंक में अमर उजाला ने इस मुद्दे को प्रमुखता से प्रकाशित किया तो विद्युत निगम के अफसरों में हड़कंप मच गया। एमडी आशुतोष निरंजन ने खबर को संज्ञान में लेकर नाराजगी जताते हुए बुधवार को चीफ वाणिज्यिक विभाग मेरठ के चीफ इंजीनियर संजय जैन को बड़ौत सहित देहात क्षेत्र मेें स्वयं जाकर जांच के निर्देश दिएं।
एमडी के निर्देश पर चीफ इंजीनियर संजय जैन ने टाऊन और देहात क्षेत्र में टीम के साथ चेकिंग की तो कई घरों में पूर्व में की गई चेकिंग के दौरान बकाया होने पर काटा गया विद्युत कनेक्शन जुड़ा मिला। इस पर चीफ इंजीनियर ने नाराजगी जताते हुए अधिशासी अभियंता सुधाकर व एसडीओ प्रभात भास्कर को कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही इस खेल में लिप्त कर्मचारियों की जानकारी जुटाकर उनके खिलाफ कार्रवाई की बात भी गई। अधिशासी अभियंता सुधाकर ने कहा कि बिजली चोरी और विभाग का नुकसान बर्दास्त नहीं होगा।
उदय योजना की दी जानकारी, उपभोक्ताओं की समस्याओं का हल हो तुरंत
बड़ौत। वाणिज्य विभाग के चीफ इंजीनियर संजय जैन ने बुधवार की देर शाम अवर अभियंताओं, सहायक अभियंताओं व अधिशासी अभियंताओं की मीटिंग लेकर उन्हें प्रदेश सरकार की उदय योजना की जानकारी दी। चीफ इंजीनियर ने कर्मचारियों को बताया कि प्रदेश सरकार की मंशा उपभोक्ताओं से रुपये कमाने की नहीं है, बल्कि जिस दर से ऊर्जा निगम बिजली खरीद रहा है, उसी दर से राजस्व आए, लेकिन बागपत जनपद इस मामले में पिछड़ा हुआ है। उन्होंने खरीदी जाने वाली बिजली व आने वाले रेवेन्यू में हुए अंतर को दूर करने के निर्देश दिएं। साथ ही कर्मचारियों व अधिकारियों को दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि उपभोक्ताओं से अभद्रता न करें। यदि किसी उपभोक्ता का बिल गलत है, तो गलत बिल पर कनेक्शन न काटे। पहले बिल ठीक करें, यदि उपभोक्ता उसके बाद भी बिल समय पर जमा नहीं करता तो तब उसका कनेक्शन काटा जाए। उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील कि वे समय पर बिल जमा करें, तभी विभाग उपभोक्ताओं को सुविधा दे पाएगा। राजस्व न आने की स्थिति में विभागीय कर्मचारी पूरे दिन चेकिंग में लगे रहते है, यदि उपभोक्ता समय पर बिल जमा करा दें तो विभाग नई लाइनें, विद्युत ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि पर ध्यान देगा।