बागपत में विधान सभा चुनाव में आचार संहिता का उल्लंघन करने के आरोप में मंत्री, विधायकों व अन्य नेताओं पर शिकंजा कसते हुए पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की है। पुलिस ने जिले भर में दर्ज हुए 26 मुकदमों में से 19 में चार्जशीट दाखिल कर दी है। अन्य सात मुकदमों में जल्द ही चार्जशीट लगाई जाएगी।
कोरोना संक्रमण बढ़ता देखकर चुनाव आयोग ने इस बार प्रत्याशियों के प्रचार करने के लिए कड़े नियम बनाए थे। बागपत में मतदान होने तक रैली की अनुमति नहीं दी गई थी। घर-घर जाकर प्रचार करने के लिए केवल दस लोगों के साथ रहने की अनुमति दी गई थी।
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इसके बावजूद भी प्रत्याशियों ने खूब भीड़ जुटाकर आचार संहिता की धज्जियां उड़ाई और उनके फोटो व वीडियो भी सोशल मीडिया पर प्रचार के लिए वायरल की गई। इसी कारण जिले भर में आचार संहिता उल्लंघन के 26 मुकदमे दर्ज किए गए थे। इनमें से 19 मुकदमों में चार्जशीट लगाई गई है। जिन मामलों में चार्जशीट लगी है, उनमें मंत्री केपी मलिक, विधायक योगेश धामा, विधायक डा. अजय कुमार व अन्य नेता शामिल है। चुनाव के बाद भी नेताओं व कार्यकर्ताओं की परेशानी कम होने की जगह बढ़ रही है। पुलिस ने बाकी सात मुकदमों में जल्द ही चार्जशीट लगाने की बात कही है।
इस तरह दर्ज हुए थे मुकदमे
आचार संहिता उल्लंघन करने के मामले में रालोद के बड़ौत प्रत्याशी रहे जयवीर तोमर पर सबसे ज्यादा मुकदमे दर्ज हुए थे। इनके बाद रालोद के छपरौली प्रत्याशी रहे अजय कुमार (वर्तमान विधायक) और बागपत प्रत्याशी रहे अहमद हमीद पर भी मुकदमे दर्ज हुए थे। भाजपा के बागपत से प्रत्याशी रहे विधायक योगेश धामा और बड़ौत प्रत्याशी रहे मंत्री केपी मलिक पर भी आचार संहिता उल्लंघन के कई मुकदमे दर्ज हुए थे। कांग्रेस व आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं पर भी आचार संहिता उल्लंघन के मुकदमे हुए थे।
आचार संहिता उल्लंघन के 19 मुकदमों में चार्जशीट लग चुकी है। छह मुकदमों की विवेचना चल रही है। सभी में चार्जशीट के लिए पर्याप्त साक्ष्य है और इनमें भी चार्जशीट ही लगेगी। जिनपर चार्जशीट लगी है, उनमें सभी मंत्री से लेकर विधायक तक सभी शामिल है।
- नीरज कुमार जादौन, एसपी