रमाला (बागपत)। सहकारी चीनी मिल रमाला के निलंबित जीएम प्रबुद्ध चौबे को आरोप पत्र जारी कर दिया गया। उन्हें एक सप्ताह के अंदर इसका जवाब देना होगा। फिलहाल शासन की कड़ी कार्रवाई से मिल प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है। नवनियुक्त जीएम ने तेजी से मिल व्यवस्था को संभालना शुरू कर दिया है।
गत 4 नवंबर को प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने मिल के नए प्लांट और चालू पेराई सत्र का शुभारंभ किया था। लेकिन अधिकारियों की लापरवाही और अदूरदर्शिता के चलते क्षमता से अधिक गन्ने का इंडेंट जारी कर दिया गया था। दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर कई दिन तक जाम के हालात रहे। टरबाइन में खराबी की रिपोर्ट भी लखनऊ देरी से भेजी गई। चीनी मिल पर करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद सरकार को किरकिरी झेलनी पड़ी। इसके चलते जीएम पर कार्रवाई तय मानी जा रही थी। पहले तो प्रधान प्रबंधक प्रबुद्ध चौबे को रमाला से हटाया गया और इसके बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया। आरोपों की जांच कर रहे मुख्य गन्ना सलाहकार आरसी पाठक ने बताया की पूर्व प्रधान प्रबंधक प्रबुद्ध चौबे को निलंबित कर आरोप पत्र जारी कर दिया गया है। जवाब देने के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है। जवाब मिलने के बाद रिपोर्ट सक्षम अधिकारी को सौंप दी जाएगी।
इन आरोपों से घिरे
जांच अधिकारी ने बताया कि मिल को क्षमता से न चलाना, गन्ने का कुप्रबंधन करना, सारे क्रय केन्द्रों को मिल गेट के साथ न चलाना, क्षमता से अधिक इंडेट जारी करना, उत्तम ग्रुप के अधूरे कार्यों की फेडरेशन को रिपोर्ट न भेजना, मिल में आ रही आये दिन तकनीकी खराबी की रिपोर्ट अधिकारियों को न देना, उत्तम ग्रुप के साथ सही तालमेल न होना, किसानों की समस्या न सुनना आदि आरोप लगें है।
जांच के घेरे में मिल के कई अधिकारी
गन्ना सलाहकार आर सी पाठक ने बताया कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है। कई और अधिकारी भी जांच के घेरे में आ सकते है। जो कोई भी दोषी पाया गया, उसे बक्शा नहीं जाएगा।