बैरिकेडिंग तोड़ चमरावल पहुंचे कांग्रेसी, पुलिस से नोकझोंक-हंगामा
बागपत। चमरावल गांव में जहरीली शराब के शिकार बने लोगों के परिवारों से मिलने बैरिकेडिंग तोड़कर पहुंचे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने सड़क पर रोक लिया। विरोध में जमकर हंगामा हुआ। भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। एसडीएम सदर और सीओ खेकड़ा से कार्यकर्ताओं की नोकझोंक हुई। चार सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के पीड़ितों के घर जाने देने पर सहमति बनने के बाद मामला शांत हुआ। कांग्रेसियों ने प्रत्येक परिवार को दस लाख रुपये मुआवजा और एक सदस्य को नौकरी देने की मांग की।
कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी के निर्देश पर प्रदेश महासचिव वीरेंद्र सिंह गुड्डू, प्रदेश सचिव सत्यम सैनी और हापुड़ के पूर्व विधायक गजराज सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ता शुक्रवार को पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़ते हुए चमरावल गांव पहुंच गए। एसडीएम सदर अनुभव कुमार और सीओ खेकड़ा मंगल सिंह रावत ने गांव के बीच में कार्यकर्ताओं को पीड़ितों के घर जाने से रोक लिया। विरोध में हंगामा शुरू हो गया। सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। कांग्रेसी सड़क पर बैठ गए। पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को मनाया। तय किया गया कि चार लोगों का प्रतिनिधिमंडल ही घर-घर जाएगा। प्रत्येक परिवार को दस लाख रुपये एवं एक सदस्य को नौकरी की मांग की गई। इस दौरान डॉ. यूनुस चौधरी, प्रदेश सचिव अवनीश काजला, शामली जिलाध्यक्ष दीपक सैनी, पूर्व जिलाध्यक्ष रामकुमार चौधरी, सतपाल पथौलिया, बड़ौत शहर अध्यक्ष राकेश शर्मा, हाकिम चौधरी, बेगराज सिंह, एडवोकेट मोहम्मद फरीद अख्तर, चौधरी यशवीर सिंह, डॉ. नरेंद्र शर्मा, सरफराज, धर्मेंद्र कांबोज और आकिल अहमद मौजूद रहे।
कांग्रेसियों ने प्रियंका गांधी को दी जानकारी
कांग्रेस जिलाध्यक्ष यूनुस चौधरी ने बताया कि राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी गई है।
भाजपाइयों ने भी जाना हाल
बागपत। खेकड़ा ब्लॉक के पूर्व प्रमुख भाजपा नेता देवेंद्र गुर्जर और मनुपाल बंसल ने भी पीड़ित परिवार का हाल जाना। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को इंसाफ मिलेगा। निष्पक्ष जांच होगी।