बागपत। नगर पालिका बागपत के चेयरमैन एडवोकेट राजुद्दीन के जन्म प्रमाणपत्र से जुड़ी फाइल गायब हो गई है। वहीं नगर पालिका कार्यालय में उससे पहले और बाद की सभी फाइलें मौजूद हैं। इस मामले में अब पुलिस में शिकायत करके प्राथमिकी दर्ज कराने की तैयारी चल रही है।
भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष संदीप वशिष्ट ने दस मार्च को जिलाधिकारी को एक शिकायत दी थी। उसमें कहा गया था कि वर्ष 2020 में बागपत नगर पालिका से कई लोगों के फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाए गए थे। वशिष्ट ने आरोप लगाया कि चेयरमैन राजुद्दीन का जन्म प्रमाणपत्र भी तभी वर्ष 2020 में नगर पालिका से बनाया गया था, जब वह खुद चेयरमैन थे। उन्होंने बताया कि चेयरमैन के पिता बागपत शुगर मिल में नौकरी करते थे और मिल के आवास में रहते थे, जो हमीदाबाद ग्राम पंचायत क्षेत्र में आता है। इसलिए जन्म प्रमाणपत्र वहीं से बनना चाहिए था। वशिष्ट ने यह भी आरोप लगाया कि जिस मकान में जन्म होने की बात बताई गई है, वह वर्ष 1964 में बना ही नहीं था। उन्होंने कहा कि उस मकान को चेयरमैन ने अपने पद पर आने के बाद बनवाया था। वशिष्ट ने जन्म प्रमाणपत्र को फर्जी बताते हुए इसकी जांच कराकर कार्रवाई की मांग की थी।
-फाइल गायब होने का घटनाक्रम
जांच के लिए लिपिक महेश और आउटसोर्स कर्मी शाहरुख मलिक से जन्म प्रमाण पत्र से जुड़ी फाइल मांगी गई थी। हालांकि उन्होंने फाइल उपलब्ध नहीं कराई। अधिशासी अधिकारी के कई बार पत्र जारी करने के बाद भी फाइल नहीं दी गई। कार्यालय में जांच करने पर पता चला कि संबंधित फाइल वहां से गायब है।
-प्राथमिकी दर्ज कराने की चेतावनी
अधिशासी अधिकारी केके भड़ाना ने अब इस मामले में सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने एक पत्र जारी कर लिपिक और आउटसोर्स कर्मी को चेतावनी दी है। यदि फाइल नहीं मिलती है तो उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। यह कदम मामले की गंभीरता को दर्शाता है।