यूपी बोर्ड परीक्षा के दौरान एकाएक विवादों में घिरे आदर्श इंटर कॉलेज सिनौली नंगला के केंद्र व्यवस्थापक पर गाज गिर गई। डीएम ह्दय शंकर तिवारी के निर्देश पर प्रधानाचार्य की जगह अब प्रवक्ता डॉ राम सिंह को केंद्र व्यवस्थापक बना दिया गया है। डीआईओएस ने मामले में प्रबंध समिति को भी आवश्यक कार्रवाई के लिए चिट्ठी लिखी है। यह मामला लखनऊ तक पहुंचा था।
आदर्श इंटर कॉलेज नंगला सिनौली के केंद्र व्यवस्थापक सुक्रम पाल तोमर ने छपरौली थाने में छात्र अंकुश के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। तोमर का कहना था कि इंटरमीडिएट के केमेस्ट्री की परीक्षा से पहले चेकिंग के दौरान गेट पर छात्र से तीन पृष्ठों की नकल सामग्री पकड़ी गई।
पेपर खुला तो नकल सामग्री का मिलान किया गया। दावा किया गया था कि पकड़ी गई नकल सामग्री और प्रश्रपत्र का मिलान हो गया, जिस पर प्रश्रपत्र के आउट होने की बात कही गई थी। संयुक्त शिक्षा निदेशक, डीएम, डीआईओएस को भी तोमर ने पत्र लिखकर अवगत कराया था। इसके बाद आगे की कार्रवाई शुरू की गई।
डीएम ह्दय शंकर तिवारी ने इस मामले की जांच के लिए परियोजना निदेशक के नेतृत्व में चार सदस्यीय टीम गठित की। जांच में सामने आया कि केंद्र व्यवस्थापक ने इसी दिन हाईस्कूल के प्रश्रपत्र के बंडल समय से पहले खोल दिए थे। उडनदस्ते से भी जानकारी ली गई।
डीआईओएस पीके मिश्रा ने बताया कि आख्या डीएम ह्दय शंकर तिवारी को सौंप दी गई। शनिवार को डीएम ने केंद्र व्यवस्थापक को हटाने के निर्देश दिए। इसके बाद केंद्र व्यवस्थापक को हटा दिया गया। उनकी जगह डॉ राम सिंह को केंद्र व्यवस्थापक बनाया गया है। यही नहीं प्रबंध समिति को भी आवश्यक कार्रवाई के लिए पत्र लिखा गया है।