संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। सीडीओ कार्यालय से गांवों में निरीक्षण के लिए पत्र जारी होते हैं परंतु निरीक्षण नहीं किया जाता है। यह कोई बोल नहीं रहा है, बल्कि सीडीओ कार्यालय से गांवों में निरीक्षण के लिए जारी किए गए पत्रों से ऐसा ही प्रतीत हो रहा है। आचार संहिता के दौरान भी कई गांवों के लिए पत्र जारी किए गए परंतु निरीक्षण नहीं हुआ। यह मामला शासन तक पहुंच गया है कि केवल पत्र जारी करके निरीक्षण क्यों नहीं किया जाता है।
सीडीओ रंजीत सिंह के आने के बाद जनवरी से अभी तक उनके कार्यालय से गांवों में विकास कार्यों का निरीक्षण करने के लिए लगातार पत्र जारी हो रहे हैं। इनमें करीब 32 गांवों का निरीक्षण करने के लिए लिखा गया है और कुछ पत्रों में यह भी लिखा गया है कि वित्तीय वर्ष 2021-22 में कितनी धनराशि प्राप्त करके कितनी खर्च की गई है। उन पत्रों में निरीक्षण के लिए विकास विभाग व पंचायती राज विभाग के अधिकारियों को गांवों में उस दिन उपस्थित रहने के लिए कहा जाता है। 32 गांवों में निरीक्षण करने के लिए पत्र जारी करके सीडीओ केवल एक गांव में पहुंचे हैं। इस तरह से यह मामला कुछ कर्मियों ने शासन तक पहुंचा दिया है कि आखिर निरीक्षण के लिए केवल पत्र क्यों जारी किए जा रहे हैं।
अब तीन दिन में छह गांवों का निरीक्षण कार्यक्रम लगाया
सीडीओ रंजीत सिंह के कार्यालय से पत्र जारी करके अब तीन दिन में छह गांवों का निरीक्षण कार्यक्रम लगा दिया है। लेकिन विकास विभाग व पंचायती राज विभाग के अधिकारी इंतजार कर रहे हैं कि आखिर सीडीओ इन गांवों में निरीक्षण करने के लिए आएंगे या नहीं।
रालोद प्रत्याशी को घर बुलाकर प्रचार करने वाले स्टेनो की शिकायत
बड़ौत से रालोद प्रत्याशी जयवीर तोमर को अपने घर बुलाकर स्वागत करने वाले विकास विभाग के कर्मी रवि जावला को एक सप्ताह पहले ही सीडीओ का स्टेनो बनाया गया था। इस तरह सरकारी कर्मी होने के बावजूद चुनाव में किसी पार्टी के पक्ष में खड़े होने के कारण उसकी कार्यप्रणाली पर सवाल उठाया जा रहा है। इसके साथ ही उसकी शिकायत भी शासन तक पहुंच गई है। हालांकि उसने शिकायत होते ही जयवीर तोमर के विपक्षी रहे मंत्री केपी मलिक के निजी सचिव के सामने सफाई पेश की है।
मेरे कार्यालय से इतने ज्यादा गांवों के निरीक्षण के लिए पत्र जारी हुए हैं, ऐसा नहीं हो सकता है। इसको देखकर ही बता सकता हूं। यह समस्या जरूर कई बार हुई है कि कई बार बैठक व वीडियो कांफ्रेंसिंग के कारण निरीक्षण करने नहीं जा पाए हैं।-रंजीत सिंह, सीडीओ