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Baghpat News: गांवों में मर गए 148 गोवंश, कागजों में केवल एक की मौत

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बागपत। चमरावल गांव के पशुपालक रामभूल त्यागी के पांच गोवंश 15 दिन पहले लंपी बीमारी की चपेट में आए। इनमें से दो गोवंश की मौत हो गई। गांव के अन्य किसानों के चार गोवंश भी लंपी से बीमार होकर मर चुके हैं। इसी तरह गौना गांव के शीशपाल यादव के दो गोवंश की लंपी से मौत हो चुकी है। इस तरह लंपी से लगातार गोवंश की मौत हो रही है और पशुपालन विभाग के कागजी रिकॉर्ड में अभी तक सिर्फ एक गोवंश की मौत हुई।
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जिले में दो महीने पहले लंपी बीमारी ने गोवंशों को चपेट में लेना शुरू किया, जो अभी तक जिले के 40 गांवों में पहुंच चुकी है। इससे फैजपुर निनाना, सिसाना, बड़ौत, लुहारी, मलकपुर, सिनौली, लहचौड़ा, मुकारी, चमरावल, सरूरपुर कलां, सिंगौली तगा, सरफाबाद, दोघट, बरनावा आदि गांवों में एक हजार से अधिक गोवंश बीमार हो चुके हैं। इनमें से 148 गोवंश की मौत हो चुकी है।
वहीं पशुपालन विभाग ने अभी तक लंपी से सिर्फ एक गोवंश की मौत और 238 गोवंश बीमार होने की रिपोर्ट शासन को भेज दी। पशुपालकों का कहना है कि पशुओं के बीमार होने से लेकर उनकी मौत होने की सूचना विभाग को दी गई थी लेकिन पशु चिकित्सकों ने अपने रिकाॅर्ड में दर्ज नहीं किया और न ही मुआवजा तक मिला। उनका कहना है कि 80-80 हजार रुपये में गोवंश खरीदकर लाए थे, लेकिन लंपी से मौत होने पर बड़ा नुकसान हो गया। उनके उपचार पर 20-20 हजार रुपये तक खर्च भी किए मगर उनकी जान नहीं बच सकी।
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इन गांवों में हुई गोवंश की मौत
लंपी बीमारी से फैजपुर निनाना गांव में 15, सरूरपुर कलां गांव में 20 गोवंश, सिसाना में पांच, सरफाबाद में 15, गढ़ी कलंजरी में पांच, सिंगौली तगा में पांच, लहचौड़ा में आठ, रटौल में पांच, चमरावल में पांच, मुकारी में आठ, सिनौली में आठ, लुहारी में आठ व मलकपुर में पांच गोवंश की मौत हुई है। इनके अलावा भी कई गांव हैं, जिनमें गोवंशों की मौत हुई है।

99,800 गोवंश को लगा टीका
जिले में 1,09,992 गोवंश हैं। लंपी बीमारी के बाद जिले में गोवंशों को टीकाकरण करने के लिए 99,800 वैक्सीन आई थी। सभी गोवंश को वैक्सीन लगाने का दावा किया गया। वहीं ऐसे काफी पशुपालक हैं, जिनके यहां अभी तक गोवंशों को टीकाकरण नहीं किया गया।

- लंपी बीमारी से गांव में पांच गोवंश की मौत हुई है। साथ ही 30 से अधिक गोवंश बीमार चल रहे हैं। पशुपालन विभाग के चिकित्सकों के नहीं आने के कारण निजी चिकित्सकों से उनका उपचार कराना पड़ रहा है।
-आशेराम, गढ़ी कलंजरी

- गांव में लंपी बीमारी से तीन गोवंश की मौत हुई और 35 से अधिक गोवंश बीमारी की चपेट में आए। अभी तक पशुओं में कोई टीकाकरण नहीं हुआ है।
-डेविड, सरफाबाद

वर्जन
- लंपी बीमारी से जिले में सिर्फ एक गोवंश की मौत और 238 गोवंश बीमार होने की बात सामने आई है। किसी भी पशुपालक ने गोवंश की मौत की सूचना नहीं दी है। जहां लंपी से गोवंश बीमार होने की सूचना मिलती है, वहां टीम भेजकर उपचार कराया जाता है।
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-डॉ. रमेश चंद्र यादव, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी बागपत
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