जिला पंचायत सदस्य महबूब अल्वी के भाई और दो पुत्रों की गिरफ्तारी पर शनिवार को हुआ था हंगामा
सड़क पर धरना देने के मामले में 40 रालोद और सपा नेताओं के खिलाफ किया गया मुकदमा दर्ज
संवाद न्यूज एजेंसी
बिनौली/बड़ौत (बागपत)। जिला पंचायत सदस्य महबूब अल्वी के भाई मतलूब और दो बेटों आदिल व राजू की गिरफ्तारी के विरोध में शनिवार को रालोद और सपा कार्यकर्ताओं के हंगामे व धरने प्रदर्शन के बाद बिनौली पुलिस बैकफुट पर आ गई है। पुलिस ने हिरासत में लिए गए मतलूब, आदिल व राजू का रविवार का शांति भंग में चालान कर दिया। उन्हें कोर्ट से जमानत मिल गई। उधर, पुलिस ने सड़क पर धरना देने के मामले में रालोद और सपा के 40 कार्यकर्ताओं के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया है।
शनिवार को जिला पंचायत सदस्य महबूब अल्वी के भाई मतलूब और दो बेटों आदिल व राजू की गिरफ्तारी के विरोध में रालोद और सपा नेताओं ने बिनौली थाने में धरना दिया था। पुलिस कर्मियों से भी नोकझोंक हुई थी। पुलिस ने जब तीनों आरोपियों को बागपत ले जाने लगी तो उन्हें छुड़ाने की कोशिश भी की गई थी। पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए किसी तरह तीनों को वहां से निकाला था। इसके बाद पूर्व विधायक वीरपाल राठी, रालोद के राष्ट्रीय सचिव कुलदीप उज्जवल, पूर्व विधायक गजेंद्र मुन्ना, पूर्व विधायक डॉ. अजय कुमार, पूर्व जिलाध्यक्ष सुखवीर सिंह गठीना आदि रालोद व सपा कार्यकर्ताओं ने बिनौली-मेरठ मार्ग जाम कर दिया था। बाद में पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ सीओ आलोक कुमार और एसडीएम दुर्गेश मिश्र की वार्ता हुई थी। इस वार्ता में हुए समझौते के बाद धरना समाप्त कर दिया गया था। 24 घंटे में ही बिनौली पुलिस पूरी तरह से बैकफुट पर आ गई है। एसडीएम दुर्गेश मिश्र ने बताया कि पकड़े गए तीनों लोगों का धारा 151 में चालान कर दिया गया है। तीनों को जमानत भी भी दे दी गई है।
उधर, सीओ आलोक कुमार ने बताया कि सड़क जाम करने के मामले में थाना बिनौली पुलिस ने राष्ट्रीय लोकदल के 40 नेताओं के खिलाफ धारा 144, कोविड-19 की गाइडलाइन का उल्लंघन कर सड़क पर सरेआम धरना-प्रदर्शन करने के आरोप में धारा 147, 188, 269, 270, 341 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
11 के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने की रिपोर्ट दर्ज
सीओ ने बताया कि तीनों आरोपियों को पुलिस हिरासत से छुड़वाने की कोशिश के मामले में रिपोर्ट दर्ज की गई है। इस मामले में सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में सात नामजद और चार अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। इनमें अशोक कुमार पुत्र चौहल सिंह, उपेंद्र पुत्र रणवीर सिंह, अमित धामा पुत्र विनोद, विनीत उर्फ टावर पुत्र सुरेंद्र, आदित्य धामा पुत्र सुरेंद्र, संजीव मान, प्रवीण वालिया को नामजद करते हुए चार अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
ईंट का जवाब पत्थर से देगी जनता : उज्ज्वल
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बागपत। रालोद के राष्ट्रीय सचिव डॉ. कुलदीप उज्ज्वल ने कहा कि लोकतंत्र में असली ताकत की चाबी जनता के पास होती है। राष्ट्रीय लोकदल के नेतृत्व और समाजवादी पार्टी के सहयोग से बागपत की जनता ने सरकार की तानाशाही के मुंह पर करारा तमाचा मारने का काम किया है। जनता की ताकत के सामने पुलिस प्रशासन को झुकना पड़ा और जिला पंचायत के सदस्य महबूब अल्वी के भाई मतलूब अल्वी एवं दोनों बेटों आदिल व राजू को ससम्मान छोड़ना पड़ा। भविष्य में भी सत्तापक्ष के इशारे पर अगर ऐसा कोई कृत्य किया गया तो बागपत की जनता ईंट का जवाब पत्थर से देगी।
रालोद व सपा कार्यकर्ता मान रहे अपनी जीत
भाजपा नेता सतीश वाल्मीकि पुत्र प्रेम सिंह ने बिनौली थाने में जिला पंचायत सदस्य महबूब अलवी, उसके भाई मतलूब, बेटे आदिल और राजू के खिलाफ घर में घुसकर जानलेवा हमला करने और जातिसूचक शब्द कहने का आरोप लगाते मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने मतलूब, आदिल, राजू को गिरफ्तार कर लिया था। मगर, शनिवार को हुए रालोद और सपा कार्यकर्ताओं के हंगामे के बाद उनका सिर्फ शांति भंग की आशंका में चालान किया गया। रालोद और सपा कार्यकर्ता इसे अपनी जीत मान रहे है। रालोद जिलाध्यक्ष जगपाल तेवतिया का कहना है कि पुलिस ने फर्जी रूप से मामला दर्ज किया था। इसलिए उन्हें हिरासत में लिए गए लोगों को छोड़ना ही था।