बड़ौत। कोविड-19 के चलते इस बार सीबीएसई की परीक्षाएं दो टर्म में हो रही हैं। 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा 26 अप्रैल से शुरू होकर 15 जून तक चलेंगी। परीक्षा में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सीबीएसई ने पहली बार क्यूआर कोड के आधार पर ही छात्रों को केंद्र में प्रवेश दिए जाने का निर्णय किया है।
सीबीएसई की जिला कोर्डिनेटर रचना जौहर ने बताया कि यह क्यूआर कोड छात्र के प्रवेश पत्र पर अंकित होगा। स्कूल के गेट पर छात्र के प्रवेश पत्र का क्यूआर कोड स्कैन होगा। इसके बाद ही छात्र या फिर छात्रा को इंट्री मिलेगी। सीबीएसई की टर्म-टू में 10वीं क्लास की परीक्षा 26 अप्रैल से शुरू होकर 24 मई को समाप्त होगी। वहीं, 12वीं की परीक्षा 15 जून को संपन्न होगी। कोरोना के चलते करीब दो साल बाद परीक्षा ऑफलाइन होने जा रही है। बोर्ड परीक्षाओं में संक्रमण को देखते हुए बैठने में सामाजिक दूरी की व्यवस्था की गाइडलाइन जारी की गई है। इसके अतिरिक्त सभी परीक्षार्थियों को मास्क लगाकर आना और थर्मल स्क्रैनिंग अनिवार्य की गई है। पहली बार छात्र-छात्राओं को क्यूआर कोड के आधार पर केंद्र में प्रवेश दिया जाएगा। जिससे कोई भी फर्जी ढंग से कॉलेज परिसर में प्रवेश न कर सके। खास बात यह है कि सीबीएसई ने टर्म वन के आधार पर ही टर्म-टू की परीक्षा के लिए रोल नंबर एक ही रखा है।
-एक कक्षा में 18 छात्रों को बैठने की अनुमति।
-10वीं व 12वीं के पेपर 10.30 से दोपहर 12.30 बजे तक होंगे।
-छात्रों को सेंटर पर सुबह 9.30 बजे तक रिपोर्ट करना होगा
-सुबह 10 बजे से प्रवेश बंद कर दिया जाएगा।
-प्रश्न पत्र और आंसर शीट सुबह 10 बजे ही वितरित होगी।
-छात्रों को पेपर पढ़ने के लिए 15 मिनट का समय मिलेगा।