बागपत। सचिवों के तबादले व अतिरिक्त क्लस्टर देने को लेकर दोबारा से खींचतान शुरू हो गई है। डीएम को धोखे में रखकर डीपीआरओ ने तबादले व अतिरिक्त क्लस्टर देने की फाइल पर हस्ताक्षर करा लिए। जब इसको लेकर आदेश जारी हुआ तो हंगामा शुरू हो गया। अब यह पूरा मामला सीडीओ के पास पहुंचा, जिसकी जांच शुरू कर दी गई।
डीएम अस्मिता लाल ने आदेश दिए थे कि किसी सचिव को जरूरत पड़ने पर दूसरा क्लस्टर दिया जाता है तो वह पहले क्लस्टर के पास वाला ही दिया जाए, जिससे गांवों में विकास कार्य प्रभावित नहीं हों। इसके बावजूद डीपीआरओ रमेश चंद गुप्ता ने सचिव मोनू यादव को नया क्लस्टर 30 किमी दूर देने के लिए डीएम से फाइल पर हस्ताक्षर करा लिए। पहला क्लस्टर हिंडन नदी के पास गौना था तो अब हसनपुर मसूरी क्लस्टर यमुना के पास दे दिया गया। अब मोनू यादव पर नौ ग्राम पंचायत व छह मजरे हो गए हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि वह इनमें कैसे जाएंगे?
इनके अलावा हसनपुर मसूरी गांव में तैनात लोकपाल सिंह को ललियाना भेजा गया। लोकपाल सिंह को केवल दो महीने पहले ही वहां तैनात किया गया था। इस तरह ही पिछली सूची में शामिल कई सचिवों को केवल एक महीने में तबादला करके दूसरी जगह भेज दिया गया था। इनके साथ ही अंकित ढाका को गोठरा के साथ ही फुलेरा नया क्लस्टर दिया गया है। इसकी शिकायत सीडीओ के पास तक पहुंची तो उन्होंने जांच कराकर कार्रवाई करने की बात कही है।
इस तरह इतनी दूर क्लस्टर दिए जाने की जानकारी नहीं थी। किसी एक के पास इतने ज्यादा गांव भी नहीं होने चाहिए थे। अब यह मामला पता चला है तो इसकी जांच कराई जा रही है। जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। इस तरह से नहीं होना चाहिए था। अनिल कुमार सिंह, सीडीओ