फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

घर खड़ी बसें, टैक्स की मार से बचने के लिए पांच सौ परमिट सरेंडर

विज्ञापन
विज्ञापन
घर खड़ी बसें, टैक्स की मार से बचने के लिए 500 परमिट सरेंडर
विज्ञापन

बागपत। लॉकडाउन में थमे बसों के पहिये अनलॉक-2 में भी नहीं चल सके हैं। वहीं, दूसरी तरफ हर महीने टैक्स की मार पड़ रही है। बस यूनियनों और मालिकों ने परिवहन विभाग को समस्या से अवगत कराया था, जिस पर परमिट संबंधित कागजात परिवहन कार्यालय में जमा करने का नियम बनाया गया। जिले में अब तक 500 बसों के परमिट सरेंडर किए जा चुके हैं। इनमें 450 निजी बसें हैं, जबकि 50 बसें परिवहन निगम में अनुबंधित थीं।
जिले में 2150 बसें पंजीकृत
स्थानीय परिवहन कार्यालय में 2150 निजी बसें पंजीकृत हैं। इन बसों का संचालन अलग-अलग जिलों में होता है। अधिकतर बसें ऑल इंडिया परमिट की है। टूरिस्ट बसें भी इनमें शामिल हैं।
विज्ञापन

अनुबंधित बसों पर टैक्स ज्यादा
अनुबंधित बसों पर हर महीने करीब 24 हजार टैक्स होता है, जबकि निजी बसों पर टैक्स करीब साढ़े सात हजार रुपये महीना होता है। टैक्स का फार्मूला सीट के हिसाब से होता है। पुरानी बसों पर टैक्स भी अधिक होता है।
परमिट जमा रहने तक संचालन नहीं
उपसंभागीय विभाग के आरआई विनय कुमार सिंह ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान भाड़ा वाहनों का संचालन रहा, जबकि यात्री वाहनों का संचालन प्रतिबंधित रहा। अब गाड़ी संचालक कार्यालय में परमिट सरेंडर कर रहे हैं। परमिट कार्यालय में जमा हो जाने के बाद बसों का संचालन पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया जाता है।
15 बसें बागपत और 55 बसें मेरठ में सरेंडर
प्राइवेट बस यूनियन के अध्यक्ष चौधरी हिम्मत सिंह ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान बसों का संचालन बंद होने के कारण मेरठ-बागपत-बड़ौत छपरौली मार्ग पर चलने वाली 70 बसों को सरेंडर किया गया है। इनमें से 15 बसों को बागपत तथा 55 बसों को मेरठ में सरेंडर किया है। एक बस का संचालन बंद होने से वाहन स्वामियों को प्रतिदिन दो हजार रुपये का नुकसान हो रहा है।
विज्ञापन

घाटे के कारण हटाईं बसें
रोडवेज एआरएम योगेंद्र पाल सिंह का कहना है कि बसों में यात्री नहीं बढ़ सके हैं, जिस कारण घाटा हो रहा है। विभिन्न रूटों से कुछ बसें हटाई गई हैं।
वर्जन
शासन के नियमानुसार ही सरेंडर किए गए परमिटों पर टैक्स छूट मिलने की संभावना है, लेकिन इस विषय में अभी स्पष्ट निर्देश प्राप्त नहीं हुए हैं। फिलहाल परमिट लिए जा रहे हैं।
- सुभाष राजपूत, एआरटीओ
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें