बागपत। अटल भूजल योजना में तालाबों की खोदाई तथा सुंदरीकरण के लिए वित्त वर्ष 2024-25 खत्म होने से दो दिन पहले 5.90 करोड़ रुपये का बजट मिला। दो दिन में बजट कैसे खर्च होता, इसलिए बजट शासन को लौटा दिया गया। इससे डार्क जोन का दाग धुलने का सपना अधूरा रह गया।
अटल भूजल योजना में बागपत तथा पिलाना ब्लाॅक के 76 गांव शामिल हैं। 23 तालाबों की खोदाई एवं सुंदरीकरण के लिए 11 करोड़ रुपये की कार्ययोजना मंजूर थी। इसमें से पांच करोड़ रुपये समय से मिलने पर 10 तालाबों की खोदाई तथा सुंदरीकरण का काम पूरा हो गया। बाकी 5.90 करोड़ रुपये 28 मार्च में मिले, जिन्हें 31 मार्च तक खर्च करना था।
इस तरह 5.90 करोड़ रुपये खर्च करने को केवल दो दिन का समय मिलने पर अधिकारियों के हाथ पैर फूल गए, इसलिए बजट लौटाने में ही भलाई समझी। बजट लौटाने से दत्तनगर, पिलाना, खिंदौड़ा, सांकलपुट्ठी, हिसावदा, डौला, बसौद, निबाली, ग्वालीखेड़ा, गौरीपुर हबीपुर, गाधी तथा बुढ़ेडा, के तालाबों की खोदाई एवं सुंदरीकरण का कार्य शुरू नहीं हो सका।
तालाबों में गंदा पानी तथा कबाड़ लोगों के लिए परेशानी पैदा कर रहा है। बुधवार को सीडीओ की उच्चाधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक में बजट लौटाने का मुद्दा उठा। सीडीओ ने समय से बजट जारी कराने का अनुरोध किया।