बड़ौत (बागपत)। बारिश से फसलों को नुकसान की मार झेल रहे किसानों की समस्याएं कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। अब गेहूं की फसल पर ब्राउन रस्ट रोग का खतरा मंडरा रहा है। आलम यह है कि यह रोग बहुत तेजी से फैल रहा है। अब तक 60 से अधिक गांवों मेें खड़ी गेहूं की फसल को यह रोग चपेट में ले चुका है। उधर, सूचना पर कृषि विभाग के अफसरों ने बुधवार को कई गांवों में पहुंच कर फसलों की जांच की।
अब तक इस रोग का प्रकोप मलकपुर, चौबली, बड़ौली, बिजरौल, बामनौली, सिरसली, कोताना, ट्यौढ़ी, बड़ौत, बावली, छपरौली, किरठल, बरनावा, बिनौली, लुहारी, बोहला, जौनमाना, ढ़िकाना, बासौली, कासिमपुर खेड़ी, दोघट, निरपुड़ा, जिवाना, किशनपुर बिराल सहित 60 से अधिक गांवों में खड़ी सरसों की फसल पर दिखाई दिया है। यह रोग तेजी से फैल रहा है। इससे किसान चिंतित है। क्योंकि इस रोग से किसानों को उत्पादन में कमी होने की आशंका सता रही है। उधर, लगातार बढ़ती शिकायतों को देखते हुए बुधवार को एडीओ कृषि रक्षा अधिकारी नरेश कुमार मलकपुर, लुहारी, जौनमाना, ढिकाना, बावली सहित कई गांवों में पहुंचे और जांच की।
ज्यादा नमी के कारण फैलता है यह रोग
बड़ौत। एडीओ कृषि रक्षा नरेश कुमार ने बताया कि यह रोग ज्यादा नमी के कारण होता है। इस बार सर्र्दी के मौसम में लगातार रुक-रुक कर बरसात हुई है। रोग के चलते गेहूं की पत्तियों पर भूरे रंग के बिंदु बन जाते है। इस रोग के कारण उत्पादन घट जाता है।
इस बार 1400 हेक्टेयर कम है गेहूं का रकबा
बड़ौत। एडीओ कृषि नरेश कुमार ने बताया कि वर्ष 2019 में तहसील क्षेत्र में गेहूं का रकबा करीबन 7264.4 हेक्टेयर था। इस बार हुई बरसात के कारण किसान गेहूं की फसल की बुवाई कम कर पाएं है। इस बार गेहूं का रकबा 5864.5 हेक्टेयर है।