बागपत कचहरी में गाड़ी में बैठे बंदियों से बात करते युवक।
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बागपत जेल से अपराधी गैंग को किस तरह ऑपरेट कर रहे हैं, इसकी बानगी शुक्रवार को कचहरी में दिखी। अपराधी ने पुलिस की गाड़ी में बैठे हुए ही अपने साथियों से लंबी वार्ता की। बाद में युवकों से उससे कहा कि भाई टेंशन मत लेना। जल्दी ही काम हो जाएगा।
पुलिस शुक्रवार को एक अपराधी को कोर्ट में पेशी के लिए बागपत कचहरी लेकर पहुंची। आरोपी ने पुलिस की बंद गाड़ी में बैठे हुए ही साथियों से लंबी वार्ता की। उससे मुलाकात करने वाले पांच युवक कचहरी की दीवार के पास खड़े थे। उन्होंने आपस में कोड वर्ड में भी बातें कीं। जाते समय युवकों ने बंदी से कहा कि भाई टेंशन मत लेना। जल्दी ही रिजल्ट मिल जाएगा। इस तरह की बातें करने पर भी पुलिसवालों ने उन्हें रोकने की जरूरत नहीं समझी।
बता दें कि बागपत कचहरी में कई वारदात का प्लान तैयार हुआ। उसी के अनुसार घटना को अंजाम दिया गया। इसका बाद में खुलासा हुआ। देहरादून पुलिस की कस्टडी से 15 दिसंबर 2014 को छुड़ाए गए गैंगस्टर अमित उर्फ भूरा सरनावली (मुजफ्फरनगर) की फरारी का प्लान भी बागपत कचहरी में ही बना था। उसके साथियों ने यह खुलासा किया था। कचहरी चौकी प्रभारी ब्रजपाल सिंह का कहना है कि शुक्रवार को गाड़ी में आए बंदी से किसी ने मुलाकात नहीं की है।