स्वदेशी रंग बिरंगी इलेक्ट्रिक झालर, झूमर की डिमांड, चीन के सजावटी उत्पादों से किनारा
तीन साल में 20 से 30 फीसदी तक सिमटा चीन निर्मित वस्तुओं का कारोबार
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत/खेकड़ा। दीपावली के बाजार में खूब रौनक हैं। शहर के बाजारों में झालर, सजावटी मूर्तियां, रंग-बिरंगी लाइटें, कंदील, वंदनवार आदि से सज चुके हैं। भीड़ देख कर व्यापारियों के चेहरे पर मुस्कान है। खास कर घर और दुकानों के लिए सजावटी उत्पादों की खूब बिक्री हो रही है। खास बात यह है कि लोग स्वदेशी उत्पादों को तवज्जो दे रहे हैं। चीन निर्मित उत्पादों से किनारा किया जा रहा है। व्यापारियों की माने तो तीन साल पहले त जनपद मेें चाइनीज आइटम का कारोबार तकरीबन 80 फीसदी होता था। मगर, यह कारोबार मात्र 20 से 30 फीसदी पर सिमट जाएगा।
बड़ौत के दुकानदार कमल जैन के अनुसार डयूरेबिलिटी के लिहाज से स्वदेशी लाइटस की मांग अधिक हैै। पहले लाइटिंग के सौ फीसदी मार्केट पर कभी चीन निर्मित वस्तुओं का कब्जा रहता था, अब लोग चीनी माल को कम तरजीह दे रहे है। क्योंकि स्वदेशी झालरों की अधिक चमक दिखाई देती है। दुकानदारों के मुताबिक रोशनी से संबंधी अधिकांश लाइटें मेड इन दिल्ली से है। इनमें एलईडी, पिक्सल, राकेट शेप, झारना, स्टेप लाइटें, जैसी झालरें दीपावली पर घरों को जगमग करने के लिए उपलब्ध है। इसके अलावा पहले चीन निर्मित माचिस तीली, पॉप अप नाम के चीनी पटाखों की बहुत डिमांड रही थी, लेकिन अब खुद भारत मेें ही ये पटाख तैयार किएं जाने लगे। तीन सालों में जनपद मेें चाइनीज आइटम का कारोबार तकरीबन 80 फीसदी होता था, लेकिन इस बार यह कारोबार मात्र 20 से 30 फीसदी पर सिमट जाएगा।
बाजार में भीड़ से खिले व्यापारियों के चेहरे
बड़ौत के दुकानदार अमर महेश्वरी व संकित ने बताया कि दीपावली चार नवंबर को है, लेकिन लोगों ने अभी से खरीदारी शुरू कर दी है। बाजार में इलेक्ट्रिक बोर्ड, जिसमें ओम और स्वास्तिक की आकृति दिखती है, उसकी खूब डिमांड है। खास यह है कि यह बोर्ड स्वदेशी हैं। दुकानदार अंकुर जैन ने बताया कि डिमांड के अनुसार बोर्ड दिल्ली से मंगाए जा रहे है। बिक्री भी अच्छी है। खेकड़ा के बाजार में मोमबत्ती, कंडील, शुभ दीपावली बैनर, फ्लोटिंग कैंडल, सेंटेड कैंडल, लक्ष्मी जी के चरण, दीवारों और छतों की लटकन, फैंसी पर्दे, रंग बिरंगी मनमोहक झालरें आदि सामान बाजार में सजे हुए है।
दाम में पांच से दस प्रतिशत की बढ़ोत्तरी
गुजराती लड़ी 12 रुपये से 400 रुपये तक मिल रही है, जबकि 10 मीटर वाली झालर 40 रुपये, 15 मीटर वाली 55 रुपये, 20 मीटर वाली 70 रुपये है। इसी तरह सामान्य झूमर 40 रुपये, झालर वाला झूमर 50 रुपये तक बेचा जा रहा है। सिंगल कलर वाली 14 मीटर की झालर 52 रुपये, 20 मीटर वाली 90 रुपये तक बेची जा रही है। खेकड़ा के दुकानदार अनुज, दीपांशु, बोबी, सुबोध कुमार, विनोद कुमार, पवन आदि ने बताया कि इस वर्ष प्रत्येक आइटमों के दाम में गत वर्षों के मुकाबले कुछ बढ़ोतरी हुई है।