दो माह से टूटा पड़ा है पुल, सिंचाई विभाग के अधिकारी नहीं दे रहे ध्यान
प्रतिदिन हजारों लोग करते है आवागमन
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। दो माह से पूर्वी यमुना नहर का पुल टूटा पड़ा है, लेकिन सिंचाई विभाग के अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे है। यह हालत तब है जब प्रतिदिन इस पुल से हजारों लोग आवागमन करते है। सिंचाई विभाग की लापरवाही से लोगों में आक्रोश पनपता जा रहा है। उन्होंने जल्द कार्रवाई न होने पर आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी।
कोताना रोड पर पूर्वी यमुना नहर का निर्माण अंग्रेजों ने कराया था। बाद में इसकी मरम्मत कर 1954 में नया रूप दिया गया। तब से लेकर आज तक इस पुल का पुन: निर्माण नहीं हुआ है। यह पुल वर्तमान में बेहद जर्जर अवस्था में है। दो माह से पूर्वी यमुना नहर का पुल टूटा पड़ा है, जो कभी भी हादसे का सबब बन सकता है, लेकिन शिकायतों के बावजूद सिंचाई विभाग के अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। इससे ग्रामीणों मेें आक्रोश पनप रहा है। इस संबंध में सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता उत्कर्ष भारद्वाज ने जल्द ही निर्माण कराने की बात कही।
प्रतिदिन गुजरते है हजारों लोग
इस पुल से प्रतिदिन जौनमाना, ढ़िकाना, बोहला, लुहारी, राजपुर, खामपुर, खेड़ा हटाना, कोताना, जागोस सहित कई गांवों के हजारों ग्रामीण प्रतिदिन यहां से गुजरते है। इसके बाद भी सिंचाई विभाग के अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे है।
लोग बोले, विभाग को हादसे का इंतजार
सामाजिक कार्यकर्ता सत्यव्रत आर्य का कहना है कि यह सिंचाई विभाग के अधिकारियों की अनदेखी ही है कि दो माह से टूटे पड़े पुल का ध्यान नहीं कर रहे। शायद अधिकारी किसी हादसे का इंतजार कर रहे है, यह बहुत गलत र्है।
जौनमाना गांव निवासी आशुतोष तोमर का कहना है कि दिन में बच्चों को लेकर स्कूली वाहन भी यहां से गुजरते है। इसे जल्द से जल्द ठीक करवाना चाहिए।