इसके साथ ही अंजू और माही ने रस्सी काटकर शव को नीचे उतारा। इसकी सूचना मिलने पर पुलिस और शिल्पा के परिजनों समेत अन्य लोग भी वहां पहुंच गए। एफएसएल की टीम ने भी वहां पहुंच कर जांच की। शिल्पा के भाई उज्ज्वल ने विश्वविद्यालय में साथियों पर बहन को आर्थिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित कर मारने का आरोप लगाते हुए पुलिस से शिकायत की।
एएसपी नरेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि मामले में पुलिस जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट व अन्य तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
बीए पास शिल्पा गांव में सत्संग देखकर विश्वविद्यालय में आई
भाई उज्ज्वल ने बताया कि उसके पिता जगत सिंह वर्ष 2000 में मीतली गांव के प्रधान रहे थे। उनकी वर्ष 2015 में मौत हो गई थी। उसकी आठ बहन तनु, मीनू, रीनू, वंदना, शिल्पा, करिश्मा, सपना, अंजली है तो वह एक भाई चंदन है, जबकि वह खुद सबसे छोटा है। उसका एक भाई दो महीने पहले ही ऑस्ट्रेलिया में एमबीए की पढ़ाई करने के लिए गया है। परिवार में मां सीता देवी भी हैं। उज्ज्वल ने बताया कि उसकी बहन ने जब बीए की पढ़ाई पूरी की तो उस दौरान अंजू व वहां की प्रमुख नीरू सत्संग करने के लिए जाती थी जिस कारण उसकी बहन उसके संपर्क में आ गई। वह उसकी बहन को केंद्र लेकर आ गई।
बहन का आर्थिक व मानसिक उत्पीड़न करने का आरोप लगाया
शिल्पा के भाई उज्ज्वल ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया कि उसकी बहन उससे फोन पर बात करती थी तो वह बताती थी कि उसे वहां परेशान किया जाता है और उस पर घर से पैसे लाने का दबाव बनाया जाता है। उसकी बहन के साथ मारपीट की जाती थी और वहां उसका आर्थिक व मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा था। उसकी बहन से पांच मार्च को भी बात हुई थी तो उसने बताया था कि उसके साथ मारपीट की जा रही है और उसे कहा है कि छह जनवरी को कार्यक्रम है, जिसमें उनकी अन्य साथी भी आएगी जो उसे मिलकर मार देगी। इन सभी को ध्यान में रखकर पुलिस जांच कर रही है।
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