बागपत। यहां एसआईआर में खेल किया जा रहा है। मतदाता फार्म पर बीएलओ का नाम फौजिया आ रहा है तो अफसरों के पत्र में बबीता को बीएलओ दिखाया गया है। यह केवल एक जगह नहीं हुआ है बल्कि चुनाव आयोग से मतदाता फार्म पर नाम आने के बाद तहसीलों से बदल दिए गए। मोबाइल नंबर किसी अन्य का डाल दिया गया है। इससे मतदाताओं को परेशानी उठानी पड़ रही है।
यह खेल तब पकड़ में आया, जब सरूरपुरकलां गांव में एसआईआर के लिए मतदाता फार्म बांटने शुरू किए गए। मतदाता फार्म पर प्राइमरी स्कूल की शिक्षिका फौजिया चिस्ती का नाम लिखा गया है, क्योंकि पिछले कई साल से लगातार वह बीएलओ थीं। चुनाव आयोग में उनका ही नाम आज भी दर्ज है मगर बागपत तहसील से खेल करके मतदाताओं को बरगलाने का काम किया गया।
विज्ञापन
बागपत तहसील से बीएलओ की जारी की गई सूची में फौजिया की जगह आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बबीता का नाम लिखा गया। बबीता पैरों से दिव्यांग हैं और वह घूमकर कार्य नहीं कर सकती हैं। उस सूची में नाम भले ही बबीता का लिखा गया हो मगर मोबाइल नंबर दूसरी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सविता जैन का लिख दिया गया।
ऐसे में किसी मतदाता को कोई परेशानी होती है तो फोन करने पर सविता जैन से बात होती है। वह फौजिया व बबीता के नंबर देती हैं और उसके बाद भी मतदाता की समस्या का समाधान नहीं होता है। इस तरह से सरूरपुरकलां के ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है। यह समस्या केवल सरूरपुरकलां की नहीं है, बल्कि अन्य कई जगह इस तरह से तहसील कर्मियों की लापरवाही के कारण हुआ है। गांव के सुभाष नैन ने पूरे मामले की अधिकारियों से शिकायत की।