- बामनौली में आयोजित किसान महापंचायत में रालोद के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने साधा सरकार पर निशाना
- युवाओं से किया आह्वान, एक होकर कृषि कानून वापस कराने का करें काम
बागपत। रालोद अध्यक्ष चौधरी अजित सिंह ने कहा कि केंद्र और प्रदेश में अंधी और बहरी सरकार है। सरकार को किसान और मजदूरों की चिंता नहीं है। मोदी किसानों और गरीबों के नहीं, बल्कि मिल मालिकों और पूंजीपतियों के प्रधानमंत्री हैं। कृषि कानून लागू हुआ तो किसान मालिक से मजदूर बन जाएगा। युवाओं से आह्वान किया कि एक होकर कृषि कानून वापस कराने का काम करें।
बामनौली गांव के जवाहर इंटर कॉलेज में राजा सलक्षणपाल के जन्म जयंती समारोह के मौके पर किसान महापंचायत आहूत की गई। मुख्य अतिथि रालोद अध्यक्ष चौधरी अजित सिंह ने कहा कि शासन में बैठे लोग किसान और मजदूर को गुलाम बनाना चाहते हैं, रोजी रोटी छीनना चाहते हैं। जब से यह सरकार आई है, किसान मुसीबत में है। साल 2014 में मोदी ने गन्ने का दाम 400 रुपये, 14 दिन में भुगतान करने का वायदा किया, लाल किले से एलान भी कर दिया, लेकिन आज तक भुगतान समय पर नहीं हुआ। भाजपा के नेता तारीख देते हैं, भुगतान नहीं कराते। साल 2017 में बिजनौर में प्रधानमंत्री मोदी ने चौधरी चरण सिंह किसान कल्याण कोष बनाने का एलान किया, लेकिन नहीं बना। साल 1978 में भुगतान नहीं करने वाली निजी मिलों को जब्त करने का कानून बनाया गया था, लेकिन भाजपा सरकार ने कानून खत्म कर दिया। मोदी ने भंडारण की सीमा खत्म कर, किसान और मजदूर के लुटने का रास्ता साफ कर दिया। दो बीघे का किसान अंबानी के वकील से कैसे लड़ेगा। एफसीआई को दिवालिया किया जा रहा है।
उन्होंने निशाना साधा कि सरकार कानून इसलिए वापस नहीं ले रही कि एफसीआई के लिए नौ सौ करोड़ रुपये का अड़ानी से करार किया है। अड़ानी गोदाम बना रहा है। कृषि कानून वापस हुए तो अड़ानी अपने रुपये मांग लेगा। देश के प्रधानमंत्री के पास दिल नाम की चीज नहीं है। मजदूर 45 डिग्री में सड़क से गुजरा था तो पीएम ने एक शब्द तक नहीं बोला था। दो सौ से ज्यादा किसान मर गए, एक ट्वीट किसानों के लिए नहीं किया गया। नवयुवकों सरकार को नष्ट करने में लग जाओ, नहीं तो आगे जाकर जिंदगी बर्बाद होगी। युवाओं के बीच पगड़ी संभाल का नारा भी उछाला। इनेलो के महासचिव और एलनाबाद के पूर्व विधायक अभय सिंह चौटाला ने कहा कि किसान एकजुट होकर भाजपा को सत्ता से उखाड़ फेंकने का काम करें। महा पंचायत की अध्यक्षता देशखाप चौधरी सुरेंद्र सिंह और संचालन मास्टर सुरेश राणा और मास्टर महेंद्र सिंह ने किया।