बड़ौत के महावीर हॉल में नागरिकता संशोधित कानून को लेकर आयोजित सम्मेलन में मंचासीन अतिथि।
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बड़ौत (बागपत)। भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष अश्विन त्यागी ने कहा नागरिकता संशोधन विधेयक पर विपक्षियों द्वारा भ्रांति फैलाई जा रही है। भाजपा कार्यकर्ता विपक्षियों की तरफ से फैलाई जा रही भ्रांतियों की पोल खोलेंगे और लोगों को कानून के बारे में सही जानकारी देंगे।
भाजपा ने नागरिक संशोधन अधिनियम को लेकर सोमवार को डीजे कॉलेज में स्थित महावीर हाल में गोष्ठी की। इसकी अध्यक्षता जिला अध्यक्ष सूरजपाल सिंह ने की। इसमें मुख्य अतिथि क्षेत्रीय अध्यक्ष अश्विन त्यागी और गाजियाबाद के पूर्व सांसद रमेश चंद्र तोमर रहे। इसमें जिला अध्यक्ष सूरजपाल ने कहा नागरिक संशोधन कानून किसी की नागरिकता छीनने के लिए नहीं बना है, यह कानून नागरिकता देने के लिए बना है, यह कानून करोड़ों लोगों को सम्मान के साथ जीने का अवसर प्रदान करेगा। भारत के अल्पसंख्यकों का इससे कोई अहित नहीं है। इसका उद्देश्य उन लोगों को सामान्य जनक जीवन देना है जो दशकों से पीड़ित थे। उन्होंने कहा कि जो किसी भी तरह से भारत के संविधान के किसी भी प्रावधान के खिलाफ नहीं जाती ऐसे शरणार्थियों को उचित आधार पर नागरिकता प्रदान करने के प्रावधान है। जो इसके अंतर्गत आते हैं, धार्मिक प्रताड़ना के आधार पर जो लोग आए हैं। उनको नागरिक देने का यह कानून है। गोष्ठी में बतौर मुख्य अतिथि क्षेत्रीय अध्यक्ष अश्विन त्यागी ने कहा नागरिकता संशोधन विधेयक 2019 पर विपक्षियों द्वारा भ्रांति फैलाई जा रही है कि यह बिल माइनॉरिटी के खिलाफ है यह विशेषकर मुस्लिम समुदाय के खिलाफ हैं जो देश के मुसलमान हैं उनके लिए चिंता का सवाल ही नहीं उठता है। देश में किसी भी धर्म के नागरिकों डरने की जरूरत नहीं है यह सरकार सभी को सुरक्षा और सम्मान अधिकार देने के लिए प्रतिबंध है। इसमें गाजियाबाद के पूर्व सांसद रमेश चंद्र तोमर, विधायक केपी मलिक और सहेंद्र रमाला ने भी विचार व्यक्त किए।
इसका संचालन जिला उपाध्यक्ष डॉ. कौशिक ने किया। इसमें जिला उपाध्यक्ष राकेश जैन, नगर पालिका अध्यक्ष अमित राणा, नगर अध्यक्ष अमित जैन, जिला उपाध्यक्ष और कार्यक्रम संयोजक वीरेश तोमर, सुभाष पहलवान, पूर्व जिला अध्यक्ष कुल प्रकाश व संजय खोखर, जयकरण, नीरज शर्मा प्रतिनिधि राजीव तोमर मीडिया प्रभारी पवन शर्मा, राजेश चौहान, मनोज कटारिया, चंद्रवीर तोमर, विजयवती, ममता गुप्ता, प्रभात, मनोरमा आदि रहे।