भाजपा नेता हत्याकांड में जेल भेजे आरोपियों को क्लीनचिट
संजय खोखर हत्याकांड :
एसआईटी ने नितिन धनकड़, मयंक डालर और अंकुश को बताया निर्दोष
अदालत में दाखिल की रिपोर्ट, जल्द हो सकती है जेल से रिहाई
अमर उजाला ब्यूरो
बड़ौत। भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष संजय खोखर की हत्या में नामजदगी के बाद गिरफ्तार किए गए तीन आरोपियों को एसआईटी ने क्लीन चिट दे दी है। आरोपी फिलहाल जेल में बंद हैं। एसआईटी ने अदालत में रिपोर्ट दाखिल कर कहा कि अब तीनों आरोपियों के रिमांड की जरूरत नहीं है।
पिछले महीने 11 अगस्त को छपरौली में भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष संजय खोखर की तिलवाड़ा मार्ग पर हत्या कर दी गई थी। मृतक के बेटे मनीष खोखर ने छपरौली के नितिन धनकड़ के अलावा मयंक डालर और हेवा के अंकुश शर्मा को नामजद किया था। कुल पांच लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मामले में नया मोड़ तब आया, जब खुद वादी ने सीएम योगी आदित्यनाथ के सामने कहा कि नामजदगी पुलिस ने की है, उन्होंने सिर्फ आशंका जताई थी।
सीएम के निर्देश पर सीओ बड़ौत आलोक कुमार के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया। सीओ बड़ौत ने बताया कि जेल भेजे गए नामजद तीन आरोपियों के रिमांड की जरूरत नहीं है। अदालत में आरोपियों के विषय में लिखकर दे दिया गया है। उधर, क्लीन चिट मिल जाने के बाद जल्द ही तीनों युवकों को छोड़े जाने की राह आसान हो गई है।
इसलिए हुई थी हत्या
संजय खोखर की हत्या छपरौली कस्बे के चुनाव को लेकर की गई थी। पुलिस ने खुलासा किया था कि पूर्व चेयरमैन के बेटे श्रवण खोखर ने अपने चाचा संजीव कुमार खोखर के साथ मिलकर साजिश रची थी। पुलिस ने जांच में सामने आए आरोपी श्रवण खोखर, संजीव कुमार खोखर, सागर बालियान, सागर गोस्वामी और सलमानी को जेल भेज दिया है।
दो खुलासों पर पुलिस की किरकिरी
वारदात के दो खुलासों पर पुलिस की किरकिरी हुई थी। पहले नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर पुलिस ने तमंचे भी बरामद कर लिए थे। पुलिस का दावा था कि साल 2018 के झगड़े में हत्या की गई है, लेकिन बाद में खुलासा नगर पंचायत चुनाव की रंजिश को लेकर किया गया।
जेल गए निर्दोष, लाइव आया था नितिन
तीनों निर्दोष युवक जेल में रहे। इससे पहले नितिन धनकड़ ने खुद को फेसबुक पर लाइव आकर भी निर्दोष बताया था।