बड़ौत विधानसभा सीट
भाजपा नेताओं के गांव में रालोद को मिली बढ़त, रालोद प्रत्याशी को अपने नेताओं के गांवों से खूब मिला साथ
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। बड़ौत सीट पर भले ही भाजपा की जीत हुई हो, लेकिन बड़ौत शहर ने भाजपा के केपी मलिक को नकार दिया और रालोद के जयवीर तोमर जीतकर निकले। भाजपा के अधिकतर नेताओं के गांवों तक में वह हार गए। रालोद प्रत्याशी को उनके नेताओं के गांवों में जरूर जीत मिली।
भाजपा की शहरों में पकड़ मजबूत मानते है। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को बड़ौत शहर से काफी बढ़त मिली थी। लेकिन इस बार बड़ौत शहर में केपी मलिक को 26398 वोट मिले तो जयवीर तोमर को 27339 वोट मिले है। भाजपा के युवा जिलाध्यक्ष रहे अनिल तोमर के गांव महावतपुर में केपी मलिक को 1164 और जयवीर तोमर को 1563 वोट मिले। रालोद के जयवीर तोमर को अपने गांव बिजरौल में 3696 तो केपी मलिक को 1841 वोट मिले। रालोद के मीडिया प्रभारी अरुण तोमर उर्फ बोबी के गांव बावली में केपी मलिक को 2012 और जयवीर तोमर को 2397 वोट मिले। बड़ौत नगर पालिका चेयरमैन अमित राणा के गांव जौहड़ी में भाजपा ने जीत दर्ज की और केपी मलिक को 1198 जबकि जयवीर तोमर को 1003 वोट मिले। पूर्व विधायक अजय तोमर के फतेहपुर पुट्ठी गांव में केपी मलिक को 492 और जयवीर तोमर को 1198 वोट मिले। भाजपा नेता पूर्व विधायक साहब सिंह के गांव बाघू में केपी मलिक को 457 तो जयवीर तोमर को 599 वोट मिले। रालोद नेता सतीश चौधरी के राजपुर खामपुर गांव में केपी मलिक को 669 और जयवीर तोमर को 1261 वोट मिले। भाजपा नेता रविंद्र बली के बली गांव में केपी मलिक को 1596 और जयवीर तोमर को 433 वोट मिले। अर्जुन अवार्डी पहलवान के गांव मलकपुर में केपी मलिक को 1034 और जयवीर तोमर को 1605 को वोट मिले।
प्रदीप ठाकुर के गांव मीतली ने दिलाई भाजपा को जीत
मतगणना में 23 राउंड तक भाजपा पीछे रही, लेकिन आखिरी राउंड में सांसद प्रतिनिधि प्रदीप ठाकुर का गांव मीतली आया। जहां से भाजपा को ठाकुर बिरादरी ने खूब वोट दी और केपी मलिक को 2826 व जयवीर तोमर को केवल 654 वोट मिली। मीतली ने केपी मलिक को जीत दिलाई।