बालैनी। क्षेत्र के करीब आठ गांवों में प्राचीन परंपरा के अनुसार दीवाली से 15 दिन पहले ही गोवर्धन का त्योहार मनाया गया। लोगों ने अपने-अपने घरों में गोवर्धन बनाए और सुख-शांति और समृद्धि के लिए पूजा अर्चना की।
बालैनी क्षेत्र के मवी कलां, मवी खुर्द, मतानत नगर, सिरसलगढ़, मुकीमपुरा, नंद पुरा, हजूराबाद गढ़ी समेत उज्जवल गौत्र के आठ ग्राम सहित कई गांवों में दीवाली से पहले ही 15 दिन पहले ही शनिवार को गोवर्धन पूजा की गई। हजूराबाद गढ़ी के वैद्य अशोक आर्य ने प्राचीन परंपरा के विषय में बताया कि पुराने समय में मुजफ्फरनगर के घटायन गांव पर बादशाह बुलाती ने हिंदू परिवार की लड़कियों को जबरन शादी करने के कई प्रयास किए।
इस सूचना पर बुलंदशहर के सैदपुर की रियासत के राजा मिथन सिंह ने एक अलग तरह की सेना बनाई। इसमें क्षेत्र के मवी कलां, सिरसलगढ, मुकीमपुरा, नन्द पुरा, ढिकोली गांवों के लड़कों को भर्ती किया। यह सब दीवाली से 15 दिन पहले सेना में गये थे, तो वो गोवर्धन त्योहार मना कर ही गये थे। इसके बाद राजा मिथन सिंह की सेना ने बुलाती बादशाह को युद्ध क्षेत्र में ही मार दिया था। तभी से यहां 15 दिन पहले ये लोग गोवर्धन मनाते आ रहे हैं ।
वही मवी कलां गांव के धर्मपाल आर्य ने कहा पुराने समय में हमारे बुजुर्ग गंगा पार से आ रहे थे, पीछे पुलिस लगी हुई थी, गंगा नदी पूरे उफान पर थी, तो उन्होंने गंगा नदी से उफान कम करने की प्रार्थना की और कहा हम 15 दिन बाद आने वाले गोवर्धन पर्व को अभी मना लेंगे, जिस पर गंगा नदी ने पानी कम कर उन्हें रास्ता दे दिया । तभी से उज्ज्वल गौत्र के लोग 15 दिन पहले ही त्योहार मनाते आ रहे हैं ।
इस बार इन गांवों में मनेगा दो दिन त्योहार
बागपत। वैसे तो गोवर्धन त्योहार 16 अक्तूबर में मनाया जाना चाहिए था, लेकिन 16 अक्तूबर में पूर्णिमा न होने और पंचक लगने के कारण एक दिन पहले यानि 15 अक्तूबर में ही त्योहार मना लिया गया है । कुछ लोग 16 अक्तूबर में भी त्योहार को मनाएंगे ।