बकाया भुगतान हुआ नहीं, कैसे मनेगी दीवाली
बड़ौत। बकाया गन्ना मूल्य भुगतान और आगामी गन्ना सीजन के लिए गन्ना मूल्य घोषित करने के मामले में मंगलवार को गूंगाखेड़ी गांव में पंचायत का आयोजन किया गया। इसमें सर्वसम्मत्ति से जल्द बकाया गन्ना भुगतान न मिलने पर आंदोलन शुरू करने की हुंकार भरी गयी। इसके साथ ही 400 रुपये प्रति क्विंटल गन्ने के भाव की मांग की गई।
पंचायत की अध्यक्षता जिला पंचायत सदस्य राजेंद्र सिंह प्रधान ने की। संचालन प्रधान संजीव कुमार ने किया। पंचायत मेें किशनपुर, कासिमपुर खेडी, जिवाना, सूप, रमाला, किरठल, छछरपुर, बावली सहित कई गांवों के किसान शामिल हुए। जिला पंचायत सदस्य राजेंद्र सिंह प्रधान ने कहा कि क्षेत्र की चीनी मिलों पर क्षेत्र के किसानों का करोड़ों रुपये बकाया है। बकाया गन्ना भुगतान न मिलने के कारण आज किसानों की दशा बहुत दयनीय हो गयी है। उनके घर पर न तो चूल्हे जल रहे है और न ही बेटियां की शादियां हो रही है। भुगतान न मिलने के कारण बच्चों की फीस भी स्कूलों मेें जमा नहीं हो पा रहा है। किसी तरह व्यापारियों व अन्य साहूकारों से कर्ज पर पैसा लेकर किसान जीवन व्यापन करने को मजबूर है, लेकिन कई बार धरने-प्रदर्शन करने के बाद भी भुगतान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने केेन्द्र व प्रदेश सरकार पर अनदेखी का आरोप लगाया। ग्राम प्रधान संजीव ने कहा कि यदि जल्द ही चीनी मिल ने किसानों का भुगतान नहीं किया तो क्षेत्र के किसान आंदोलन करने को मजबूर होंगे। पंचायत में सर्वसम्मति से बकाया गन्ना भुगतान न मिलने पर आंदोलन शुरू करने पर हुंकार भरी गई। साथ ही 400 रुपये प्रति क्विंटल गन्ने के भाव की मांग की गई। पंचायत मेें सुरेशपाल, हरवीर, बिजेन्द्र, सुरेश, महिपाल, राजवीर, ओमपाल, बिजेन्द्र, सोमपाल, बलबीर, जयपाल, महक सिंह शामिल रहे।