बागपत। जिला एवं सत्र न्यायाधीश संजय कुमार मलिक ने गाजियाबाद जिले के निस्तौली की नीतू और उसकी बेटी अधीरा को गोली मारने के मुकदमे में पूर्व प्रधान समेत तीन आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी। पुलिस ने घायल महिला के पति समेत कई आरोपियों को गिरफ्तार कर खुलासा किया था।
निस्तौली गांव के रहने वाले गौरव ने नौ फरवरी को दोघट थाने में मुकदमा दर्ज कराया। उसने बताया कि रात में वह अपनी पत्नी नीतू और बच्चों के साथ मुजफ्फरनगर के बिटावदा गांव स्थित ससुराल से वापस लौट रहा था। दाहा-बरनावा तिराहे पर बाइक सवार बदमाशों ने नीतू और उसकी बेटी अधीरा को गोली मारकर घायल कर दिया। पुलिस ने गोली मारने वाले शूटर देवेंद्र निवासी जसनावली, सोनू निवासी मेहम्मदपुर जिला बुलंदशहर को मुठभेड़ में गोली लगने के बाद गिरफ्तार किया।
इसके बाद घायल महिला के पति गौरव निवासी निस्तौली, कैलाश सिंह निवासी भटौला जिला बुलंदशहर, पंकज निवासी भिंड मध्य प्रदेश को गिरफ्तार कर खुलासा किया। इसके अलावा सौरव निवासी भिंड को भी जेल भेज दिया गया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश संजय कुमार मलिक ने जेल में बंद आरोपी कैलाश, सौरव और पंकज की जमानत याचिका खारिज कर दी। आरोपी कैलाश बुलंदशहर जिले के भटौला गांव का पूर्व प्रधान है।