फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Baghpat News: बागपत की हवा खतरनाक, स्मॉग छाने से दम घुट रहा, आंखों में जलन

विज्ञापन
विज्ञापन
बागपत। हवा में प्रदूषण खतरनाक स्तर पर दोबारा से पहुंच गया है, यहां मंगलवार को एक्यूआई 419 पर पहुंच गया। प्रदूषण अधिक होने के कारण सुबह को स्मॉग छाया रहा तो लोगों को सांस लेने में परेशानी हुई। वहीं सांस के मरीजों का दम घुटने लगा। आंखों में जलन के कारण भी परेशानी बढ़ रही है।
विज्ञापन

यहां पिछले महीने प्रदूषण बढ़ना शुरू हुआ था, जो लगातार कई दिन बढ़ता रहा। इसमें पिछले एक सप्ताह से कमी आई थी, मगर मंगलवार को अचानक प्रदूषण फिर से बढ़ गया। इससे एक्यूआई 419 पर पहुंच गया और इसके साथ ही लोगों की परेशानी बढ़ गई। अब जिस तरह से सर्दी बढ़ती जा रही है, उसको देखते हुए अभी प्रदूषण भी ऐसे ही बढ़ने की बात कही जा रही है।
-गले में ज्यादा समस्या, सांस लेने में परेशानी हुई
डिप्टी सीएमओ डॉ. विभाष राजपूत ने बताया कि जिस तरह से प्रदूषण बढ़ा है और स्मॉग छाया हुआ है, उससे गले में समस्या ज्यादा हो रही है। इसके अलावा सांस लेने में परेशानी हो रही है और सांस के मरीजों के लिए प्रदूषण काफी खतरनाक है। उनके अनुसार अस्पताल में इन बीमारियों के मरीज भी काफी बढ़ रहे हैं।
विज्ञापन


मास्क और चश्मा लगाने की सलाह
चिकित्सकों के अनुसार इस तरह के मौसम में ठंडा पानी नहीं पीना चाहिए, क्योंकि शरीर के अंदर गए कण ठंडे पानी से जम जाते हैं। घर से बाहर निकलना है तो मुंह पर मास्क व आंखों पर चश्मा लगाकर निकलना चाहिए। आंखों को दिन में कई बार पानी से धोते रहना चाहिए, जिससे आंखों में परेशानी होने का खतरा कम रहता है।

इस तरह होता है औसत एक्यूआई
0-50 अच्छा
51-100 औसत
101-200 असामान्य
201-300 खराब
301-400 ज्यादा खराब
400 से ज्यादा बेहद खतरनाक

नियमित पानी का छिड़काव करें, फसल अवशेष न जलाए जाएं
प्रदूषण बढ़ने के कारण ग्रेप-3 लागू किया गया है। प्रदूषण को रोकने के लिए डीएम अस्मिता लाल ने मंगलवार को कलक्ट्रेट सभागार में अधिकारियों के साथ बैठक की और उनको जिम्मेदारी सौंपी गई। डीएम ने कहा कि किसी भी स्थान पर फसल अवशेष न जलाए जाएं। इसकी सूचना मिलने पर राजस्व व कृषि विभाग के अधिकारी जाकर कार्रवाई करें। धूल उड़ने से रोकने के लिए नगर पालिका व पंचायत क्षेत्र में पानी का नियमित छिड़काव कराया जाए। एनएचएआई के अधिकारियों को सड़कों पर भी पानी का छिड़काव कराने के आदेश दिए गए। कूड़ा भी जलाने वालों पर कार्रवाई की जाए। उद्योगों में प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों को बंद कराया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें