सलावतपुर खेड़ी गांव में 2017 में गोलियां मारकर प्रधान के भतीजे की हत्या की गई थी। दो अन्य युवकों और बैल को भी गोली लगी थी। कोर्ट ने पूर्व प्रधान और उसके दो बेटों को दोषी पाया है। सात सितंबर को सजा सुनाई जाएगी।
सलावतपुर खेड़ी गांव के प्रधान अमरदीप के भतीजे पवन की हत्या और दो अन्य को घायल करने के मामले में पूर्व प्रधान राजेंद्र, उसके बेटों प्रमोद और मनोज पर कोर्ट में दोषसिद्ध हो गया है। सजा पर सुनवाई के लिए सात सितंबर नियत की गई। इसमें दो आरोपियों की पत्रावली पर अलग सुनवाई चल रही है। बाबू, नवदीन उर्फ डब्बू और साहब सिंह को साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त किया गया।
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सलावतपुर खेड़ी गांव निवासी बेनाम उर्फ राजा ने नौ जुलाई 2017 में खेकड़ा कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उनके परिवार के प्रधान अमरदीप सिंह खड़ंजे का निर्माण करा रहे थे, जिसका पूर्व प्रधान राजेंद्र, उसका भाई बाबू और पूर्व प्रधान विरेंद्र विरोध कर रहे थे। प्रधान अमरदीप ने प्रशासन से इसकी शिकायत की तो तीन जुलाई को तहसीलदार की मौजूदगी में खड़ंजा लगवाया गया। पूर्व प्रधान पक्ष ने प्रशासन की टीम का भी विरोध किया। तभी से पूर्व प्रधान पक्ष उनसे रंजिश रखने लगा और गांव में एलान करते हुए गोलियां मारने की धमकी दी थी।
बेनाम ने बताया कि नौ जुलाई को अपने भाई पवन, सोनू, प्रवीण, धर्मवीर, मनीष, सूबे, टिल्लू के साथ जोगेंद्र फौजी के मकान के सामने नीम के पेड़ के नीचे बैठा हुआ था। तभी बाबू, राजेंद्र, विरेंद्र, मनोज, जगदीप, नवदीप उर्फ डब्बू, संदीप, प्रमोद, अंकित के साथ दो अन्य युवक अपने हाथों में राइफल, रिवाल्वर, तमंचे लेकर वहां आए और गोलियां चलानी शुरू कर दीं। कई गोली लगने से उसके भाई पवन की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि प्रवीण और सोनू गोली लगने से घायल हो गए। एक गोली पास में बंधे बैल की गर्दन में लगकर आरपार हो गई थी। अन्य लोगों ने वहां से भागकर अपनी जान बचाई।
हमलावरों के जाने के बाद घायलों का उपचार कराया गया। पुलिस ने 12 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर पूर्व प्रधान राजेंद्र समेत कई आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। जांच में विरेंद्र, संदीप, अंकित समेत चार को क्लीनचिट दे दी और आठ के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल कर दिया, जिसमें दो नाबालिग भी शामिल हैं। सुनवाई के दौरान दोनों नाबालिग आरोपियों की पत्रावली अलग कर दी गई, जबकि पूर्व प्रधान समेत छह आरोपियों की पत्रावली पर अपर जिला एवं सत्र न्यायालय विशेष पॉक्सो में सुनवाई चल रही थी।
सुनवाई पूरी होने पर न्यायाधीश संजीव कुमार ने पूर्व प्रधान राजेंद्र, उसके बेटों प्रमोद और मनोज पर दोषसिद्ध करते हुए सजा पर सुनवाई के लिए सात सितंबर की तिथि नियत की। वहीं बाबू, नवदीन उर्फ डब्बू और साहब सिंह को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त किया गया।
नौ साल से जेल में बंद है पूर्व प्रधान
सलावतपुर खेड़ी गांव में जुलाई 2017 में हुई घटना के बाद पुलिस ने आरोपी पूर्व प्रधान राजेंद्र समेत अन्य को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इसमें अन्य आरोपियों को जमानत मिल गई थी, जबकि राजेंद्र को एक बार भी जमानत नहीं मिली। राजेंद्र सिंह सलावतपुर खेड़ी गांव में कई योजना प्रधान रहे। अंतिम सुनवाई शुरू होने से पूर्व ही पुलिस ने जमानत पर बाहर चल रहे मनोज और उसके भाई प्रमोद को कस्टडी में ले लिया था। दोषसिद्ध होने के बाद दोनों को जेल भेज दिया गया।