इस संबंध में स्कूल प्रधानाचार्य मुनेश चौधरी का कहना है कि उनके स्कूल का अक्टूबर महीने का यह वीडियो एक नाटक के रिहर्सल का है, जिसमें अध्यापिका सलमा छात्राओं को नमाज पढ़ने का अभ्यास करा रही थी, लेकिन बाद में नमाज पढ़ने के भाग को नाटक से हटा दिया था। वार्षिकोत्सव के दौरान छात्राओं यह नाटक प्रस्तुत किया था।
सीओ सवीरत्न गौतम का कहना है कि अभी इस मामले जानकारी नहीं है। कोई प्रकरण सामने आता है तो जांच करा ली जाएगी।