बड़ाैत से तीन, बागपत से दो नाम शामिल
जिलाध्यक्ष के लिए शुरुआती तौर पर पांच नाम की सूची बनाई गई और इसमें बड़ौत विधानसभा क्षेत्र से तीन तो बागपत से दो नाम शामिल किए गए। इसके बाद लखनऊ में इन पर चर्चा करने के लिए सभी नाम बैठक में रखे गए। मगर, वहां जिसका भी नाम रखा गया, उसके कारनामों की पहले ही शिकायत की गई थी।
इस तरह जिलाध्यक्ष के नाम के साथ ही उसके विवादों में रहने के कारण पार्टी को जिले में उसकी वजह से होने वाले नुकसान पर भी चर्चा की गई। यह भी देखा गया कि शिकायत कोई सामान्य है व राजनीतिक द्वेष के कारण हुई है या मामला गंभीर है।
इन सभी कारणों से बागपत जिलाध्यक्ष का नाम तय नहीं हो सका और उसको होल्ड पर रख दिया गया। अब अगले सप्ताह तक दोबारा से जिलाध्यक्ष के नाम पर चर्चा होगी और यह माना जा रहा है कि तभी जिलाध्यक्ष के नाम पर मुहर लगा दी जाएगी।