विलाप करते परिजन व शव लेकर जाते परिजन
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चाचा को बचाने दौड़ा भतीजा, वह भी चपेट में आया
कंवरपाल के पुत्र अंकित और सौरभ ने आहट सुनी तो शोर मचाया। आवाज सुनकर उनके भतीजे दीपक पुत्र रामनिवास दीवार कूदकर घर के अंदर पहुंचा और चाचा को बचाने दौड़ा। इस दौरान वह भी करंट की चपेट में आ गया। इसके बाद सौरभ, अंकित और अजय पुत्र जगन भी बचाने पहुंचे, जिन्हें भी करंट लगा। हालांकि, कंवरपाल और दीपक की हालत गंभीर होने पर परिजन उन्हें तुरंत जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
रात में गांव पहुंचे शव, सुबह हुआ अंतिम संस्कार
दोनों की मौत की खबर से परिवार में कोहराम मच गया। सूचना गांव पहुंची तो शोक की लहर दौड़ गई। परिजन रात में ही बिना पोस्टमार्टम कराए दोनों के शव गांव ले आए। इसके बाद घर पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। बृहस्पतिवार सुबह करीब 11 बजे दोनों के शवों का गांव के श्मशान घाट में अंतिम संस्कार किया गया। एक साथ चाचा-भतीजे की अर्थियां उठने पर ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं।
दीपावली पर मातम, गांव में पुलिस बल तैनात
हादसे के बाद परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीण पीड़ित परिवार को सांत्वना देने में जुटे हैं। दीपावली के दिन हुए इस हादसे से गांव में शोक का माहौल है। कई ग्रामीणों ने इस बार दीपावली नहीं मनाने की बात कही। एहतियातन गांव में पुलिस बल भी तैनात रहा।