एसडीएम और सचिवों के बीच विवाद चल रहा है। अब सचिवों ने डीएम और सीडीओ से शिकायत करते हुए एसडीएम पर अभद्रता करने का आरोप लगाया, साथ ही वायरल ऑडियो भी सुनाई।
एसडीएम व बीडीओ के साथ सचिवों के विवाद में एक नई ऑडियो वायरल हो गई है। इसमें एसडीएम खेकड़ा ज्योति शर्मा कह रही हैं कि मेरे अंदर पुराने डीएम की आत्मा आ गई है, मैं इन सचिवों को नहीं छोडूंगी। वह सचिवों की जांच कराने और एफआईआर दर्ज कराने के लिए भी कह रही हैं। ऑडियो पर आपत्ति जताते हुए सचिवों ने सीडीओ से शिकायत की है।
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एसडीएम खेकड़ा ज्योति शर्मा व बीडीओ खेकड़ा बाल गोविंद यादव मंगलवार को जूम पर ऑनलाइन मीटिंग ले रहे थे। इस मीटिंग में सचिवों के नहीं जुड़ने पर एसडीएम भड़क गईं, जिसकी ऑडियो वायरल कर दी गई। वह ऑडियो सचिवों के पास पहुंची। आरोप लगाया कि एसडीएम व बीडीओ ने उनके लिए अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। इसको लेकर सचिवों ने बुधवार को हंगामा किया और डीएम अस्मिता लाल व सीडीओ से शिकायत की। डीएम ने कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत कराया।
बृहस्पतिवार को सचिव दोबारा से विकास भवन में सीडीओ के पास पहुंचे। जहां एक अन्य ऑडियो उनको सुनवाई गई। सचिवों ने बताया कि उसमें एसडीएम लगातार सचिवों के लिए अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर रही हैं। इस बीच ही वह कहती हैं कि पुराने डीएम की आत्मा अब उनके अंदर आ गई है। उन्होंने इस जिले में इतने बेकार सचिव देखे हैं। इन सचिवों की जांच कराएंगी और उनपर एफआईआर दर्ज कराएंगी।
इस बीच डीपीआरओ के लिए भी एसडीएम ने कहा कि वह इन सचिवों को संरक्षण देते हैं। उन पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। सचिवों का आरोप है कि बैठक के दौरान दस से ज्यादा बार उनके लिए अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया। अब वह ऑडियो भी वायरल हो रही है और अधिकारियों के पास भी वह पहुंची है।
एसडीएम ने माफी नहीं मांगी तो 28 जनवरी के बाद आंदोलन
ग्राम विकास अधिकारी एवं ग्राम पंचायत अधिकारी समन्वय समिति का प्रतिनिधिमंडल बृहस्पतिवार को विकास भवन में सीडीओ से मिलने पहुंचा। कहा कि यदि 28 जनवरी तक एसडीएम ने माफी नहीं मांगी तो आंदोलन किया जाएगा।
मैंने मजाक में ऐसा कहा, सचिवों से विवाद नहीं, कार्य करना होगा
एसडीएम ज्योति शर्मा का कहना है कि पुराने डीएम की आत्मा मेरे अंदर आने की बात मैंने मजाक में कही थी। सचिवों से मेरा कोई निजी विवाद नहीं है। मगर, सरकारी कार्य सभी को करना होगा। सचिवों के कारण डैश बोर्ड पर जिले की स्थिति खराब हो रही है। जो कार्य नहीं करेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए डीपीआरओ को पत्र लिखा गया है। यह पूरा मामला अब अधिकारियों के संज्ञान में है।