विहिप की सदस्य साध्वी प्राची आर्य ने कहा कि पहले पंक्चर वाले बम ब्लास्ट करते थे, अब डॉक्टर भी कर रहे हैं। ढिकौली के प्राथमिक विद्यालय में बच्चों को पानी में मिलाकर पेशाब पिलाने के मामले में जांच और कार्रवाई की जाए।
विश्व हिंदू परिषद की सदस्य साध्वी प्राची आर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री मदरसों की जांच कराएं तो वहां हथियारों का जखीरा मिलेगा। प्रधानमंत्री को पत्र भेजकर मदरसों की जांच कराने और सनातन धर्म की रक्षा के लिए देश में इमरजेंसी लगाने की मांग की जाएगी।
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दिल्ली-सहारनपुर हाईवे स्थित एक प्रतिष्ठान पर आयोजित बैठक में साध्वी प्राची आर्य ने कहा कि अगर इंदिरा गांधी की प्रधानमंत्री की कुर्सी बचाने के लिए देश में इमरजेंसी लगाई जा सकती है तो सनातन धर्म को बचाने के लिए भी इमरजेंसी लगाई जाए। दिल्ली में लालकिले के पास हुए धमाके पर उन्होंने कहा कि पहले पंक्चर ठीक करने वाले और ठेली लगाने वाले धमाके करते थे, लेकिन अब डॉक्टर भी इसमें शामिल हो गए। इन सभी पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
ढिकौली गांव के प्राथमिक विद्यालय में बच्चों को पानी की बोतल में पेशाब पिलाने की घटना की जांच कराने और उसमें शामिल सभी आरोपियों की भूमिका उजागर कर गिरफ्तार करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे बच्चों को भी सनातन धर्म के विरोध में खड़ा किया जा रहा है। इसमें मदरसों की भूमिका सबसे ज्यादा है। उन्होंने कहा कि मस्जिद में बैठकर मौलाना सभी काम करते हैं, जो युवाओं की मानसिकता को बदलते हैं और उनसे गलत कार्य कराए जाते हैं। ऐसे लोगों को सबक सिखाया जाना जरूरी है।
उन्होंने लोगों से संगठित रहने और बेटियों को पढ़ाई के साथ आत्मरक्षा के गुर भी सिखाने की अपील की। इस अवसर पर बेटी बचाओ संघर्ष समिति का गठन किया गया। बैठक में मधुसूदन शास्त्री, अंकित बडौली, प्रियंका आर्य, चिंटू उर्फ अमित मिश्रा, प्रमोद शर्मा, जय कुमार तोमर, रवि पालीवाल, आलोक आदि मौजूद रहे।