रुपये नहीं देने पर जांच या दुकान निलंबित होने की बात कही जाती है। एक अन्य रिकाॅर्डिंग में खुद को राशन डीलरों का अध्यक्ष बताने वाला व्यक्ति एक राशन डीलर के मामले में अधिकारियों से बात कर कार्रवाई रुकवाने और इसके लिए अधिक खर्च होने की बात कहता है।
शिकायतकर्ताओं ने ऐसे फोटो और वीडियो भी उपलब्ध कराए हैं, जिनमें स्वयं को अध्यक्ष बताने वाला व्यक्ति दूसरे राशन डीलरों से रुपये लेते दिखाई दे रहा है। रुपये देने से संबंधित रिकॉर्ड भी शिकायत के साथ प्रशासन को सौंपे गए हैं। डीलरों ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग की है।
इस तरह हो रही वसूली
जिले में 376 राशन डीलर हैं। हर महीने औसतन एक डीलर को 150 से 200 क्विंटल राशन वितरण किया जाता है। सरकार की ओर से 90 रुपये प्रति क्विंटल कमीशन के रूप में राशन डीलरों के खाते में पहुंचता है और इस तरह हर महीने लगभग 67.68 लाख रुपये प्रतिमाह कमीशन आता है। राशन डीलर गीता जैन के अनुसार अधिकारियों को देने के नाम पर हर महीने राशन डीलरों से 45 रुपये क्विंटल के हिसाब से रुपये इकट्ठे किए जाते हैं।
भ्रष्टाचार का पुराना दाग, नए खुलासे से फिर उठे सवाल
बागपत की राशन व्यवस्था पहले भी भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर चर्चा में रही है। एक महीने पहले जिला पूर्ति अधिकारी अनूप सिंह और एआरओ जोगेंद्र एंटी करप्शन की कार्रवाई में रिश्वत लेते पकड़े जा चुके हैं। वहीं पूर्ति निरीक्षक दीपक पटेल और राहुल पटेल भी भ्रष्टाचार के मामलों में निलंबित हो चुके हैं। ऐसे में इन आरोपों ने राशन वितरण की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मैंने हाल ही में कार्यभार संभाला है। अधिकारियों के नाम पर किसी प्रकार की अवैध वसूली की जा रही है तो यह गंभीर मामला है। शिकायत की जांच कराकर दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -विकास कुमार, जिला पूर्ति अधिकारी, बागपत