इस परेशानी को देखकर रामसुमन, प्रदीप, अंकुर समेत अन्य लोगों ने कई बार अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों से मार्ग निर्माण की गुहार लगाई। किसी ने गुहार नहीं सुनी तो कई साल से रास्ते पर खड़ी घास व झाड़ियों को काटा गया।
इसपर मिट्टी डलवाई गई और अब इसपर खडंजा लगवाना शुरू कर दिया। खडंजा निर्माण के लिए अभी रुपये कुछ कम होने के कारण धीरे-धीरे चंदा फिर एकत्र किया जा रहा है। घास व झाड़ियां खड़ी हुई थी। आवागमन पूरी तरह से बंद था। रास्ते का निर्माण होने से अब रहतना व बरनावा गांव के सैकड़ों किसानों को लाभ मिलेगा।
इन्होंने एकत्र किया चंदा
मार्ग निर्माण के लिए चंदा देने वालों में पूर्व ग्राम प्रधान भारत वीर, राम सुमन तोमर, राजन तोमर, मोहित तोमर, सूरजपाल, प्रताप सिंह, जोनी तोमर, शशि शर्मा, रवि तोमर और आजाद सिंह जैसे कई नाम शामिल है। इन सभी के सामूहिक प्रयास से मार्ग का निर्माण हो सका। इससे किसानों ने खेतों में आवागमन शुरू कर दिया और खडंजा लगने पर यह बेहतर हो जाएगा।
मार्ग निर्माण के लिए कई बार प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के पास गए, मगर समस्या का समाधान नहीं किया गया। सभी ने एकजुटता दिखाकर अब मार्ग का निर्माण कराया है। जल्द ही इसपर खंडजा भी लगाया जाएगा ताकि किसानों को आने-जाने में कोई परेशानी न हो। ग्रामीणों को आपसी भाईचारे के साथ एक-दूसरे का सहयोग करना चाहिए। -भारत वीर, पूर्व प्रधान
मेरे यहां आने से पहले शिकायत आई होगी। फिलहाल यह मेरी जानकारी में नहीं है। यदि ग्रामीणों ने आपसी सहयोग की मिसाल कायम करते हुए रास्ते का खुद निर्माण कराया है तो बहुत अच्छी बात है। प्रशासन भी ऐसे लोगों का सहयोग करेगा। -मनीष यादव, एसडीएम बड़ौत।