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बच्चों के सहारे हरियाणा से पशुओं की तस्करी

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बागपत :::::::::: हरियाणा की ओर से यमुना के रास्ते आए पशुओं को बागपत की ओर लेकर जाते बच्चे। - फोटो : BAGHPAT
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- हरियाणा से बड़ी संख्या में पशुओं को अपने वाहनों में लेकर आते है तस्कर
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- यमुना पार कराने के बाद यूपी में छोटे-छोटे बच्चों को सौंप दी जाती है जिम्मेदारी
- तस्करों का गिरोह कई बाइकों पर सवार होकर रखता है पुलिस पर नजर
अंकित चौहान
बागपत। पुलिस ने भले ही हरियाणा-यूपी बॉर्डर पर सख्ती करते हुए पशु तस्करों पर शिकंजा कसा हो। मगर, तस्करों के गिरोह ने पशुओं को लाने के लिए नया तरीका अपना लिया है। अब बच्चों के सहारे हरियाणा से यमुना के रास्ते से पशुओं की तस्करी शुरू कर दी गई है। तस्करों का गिरोह कई जगहों पर बाइकों पर सवार होकर पुलिस पर नजर रखता है तो यूपी में बच्चों के हाथों में रस्सी थमाकर पशुओं को निकाल दिया जाता है। अमर उजाला ने बच्चों के सहारे होने वाली तस्करी को कैमरे में कैद किया है।
यमुना पार करते ही बच्चों के हाथ में थमा देते है रस्सी
हरियाणा की तरफ से पशुओं को तस्कर अपने वाहनों में लेकर आते है। फिर यमुना के किनारे पशुओं को वाहन से उतार दिया जाता है। वहां पहले से ही खड़ी की गई बुग्गी के पीछे कुछ पशुओं को बांध दिया जाता है। अन्य पशुओं की रस्सी को तस्कर अपने हाथ में रखते है। यह इसलिए किया जाता है ताकि यमुना को आसानी से पार कर सके और किसी कुंड में कोई डूब नहीं सके। यमुना पार करते ही पशुओं के गले में बंधी रस्सियों को बच्चों के हाथ में थमा दिया जाता है जो पहले ही यूपी की तरफ यमुना के किनारे खड़े रहते है। यह बच्चे भी दस से बाहर साल उम्र के होते है, जो पुराने कस्बे तक पशुओं को लेकर जाते है।
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पुलिस की सुस्ती का उठाते है पूरा फायदा
तस्करों के गिरोह के सदस्य कोतवाली से यमुना तक और पुराने कस्बे वाले रास्ते पर कई जगह बाइक लेकर खड़े रहते है। वह पुलिस की हर गतिविधि पर नजर रखते है। यमुना के बीच से पशुओं को तभी पार कराया जाता है, जब गिरोह के सदस्य बताते है कि किसी भी जगह पुलिस नहीं है। यह तस्करी भी रोजाना सुबह को छह से आठ बचे के बीच होती है, क्योंकि उस वक्त पुलिस भी सक्रिय नहीं रहती है। इस बीच ही सौ से ज्यादा पशुओं को कई बार में निकाल लिया जाता है। इसके लिए आठ से दस बच्चों को पहले ही तैयार रखा जाता है। इस तरह से पशुओं की तस्करी का खेल चल रहा है।
हरियाणा-यूपी बॉर्डर पर सख्ती के बाद अपनाया तरीका
बागपत में तीन दिन पहले तक पुराने कस्बे में अवैध पशु पैठ लग रही थी, जिसे पुलिस अधिकारियों ने बंद करा दिया था। इसके साथ ही हरियाणा-यूपी बॉर्डर पर सख्ती करते हुए वाहनों में पशुओं की तस्करी करने वालों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया था। बॉर्डर पर दो दिन में करीब 14 तस्कर गिरफ्तार किए गए है और 85 से ज्यादा पशुओं को बरामद किया गया। इस तरह सख्ती होने के बाद तस्करों के गिरोह ने यमुना के बीच से बच्चों के सहारे तस्करी शुरू कर दी।
तस्करों ने इस तरह बनाया रूट
तस्कर पहले पशुओं को वाहनों में हरियाणा के बहालगढ़ से खेवड़ा होते हुए बागपत की निवाड़ा चौकी के आगे से राष्ट्र वंदना चौक होते हुए पुराने कस्बे में लेकर जाते थे। शिकंजा कसने के बाद अब तस्कर बहालगढ़ से खेवड़ा होते हुए हरियाणा के गांव जगदीशपुर में यमुना के किनारे पशुओं को उतारते है। इसके बाद यमुना के बीच पानी से पशुओं को निकालते हुए खत्ता रोड होते हुए पुराने कस्बे में लेकर जाते है।
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अवैध पशु पैठ बंद करा दी गई है। पशु तस्करों पर शिकंजा कसते हुए लगातार कार्रवाई हो रही है। अब यमुना के बीच से बच्चों के सहारे हरियाणा से पशुओं की तस्करी शुरू हुई है तो यह गंभीर मामला है। पुलिस टीमें गठित कर तस्करों पर शिकंजा कसा जाएगा। - नीरज कुमार जादौन, एसपी
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