वादी पक्ष ने काम कर रहे मजदूर पर हत्या करने का शक जताया था। जिसके बाद पुलिस ने मजदूर दीपक निवासी हबीबपुर नंगला को गिरफ्तार कर हत्या का खुलासा कर दिया था। जिसने मृतका के कानों के कुंडल और अन्य जेवर लूटने के बाद हत्या की थी। मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायालय एफटीसी द्वितीय में हुई। जहां सुनवाई पूरी होने पर मंगलवार को न्यायाधीश ने हत्यारे दीपक पर दोषसिद्ध कर दिया।
बुधवार को न्यायाधीश ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई और 50 हजार रुपये अर्थदंड लगाया। जिसे अदा नहीं करने पर छह माह की सजा बढ़ाने के आदेश दिये। अधिवक्ता ने बताया कि मृतका के पति विजयपाल सिंह यादव पूर्व सूबेदार मेजर है।
घर से बुलाकर लाया था हत्यारा, कुंडल बेचने से पहले पकड़ा गया
अधिवक्ता सतेंद्र दांघड़ ने बताया कि मृतका हरबाई घर का सारा लेनदेन समेत अन्य काम खुद ही संभालती थी। जिनके घर में निर्माण कार्य कराया जा रहा था। जहां राजमिस्त्री के साथ हत्यारा दीपक निवासी हबीबपुर मजदूर भी काम कर रहा था।
चार दिसंबर को मृतका हरबाई को मजदूर दीपक घर से बुलाकर लाया था। जिसकी हत्या करने के बाद कुंडल, लोंग समेत अन्य जेवर लूटकर ले गया था। जिसके बाद कुंडल बेचने अमीनगर सराय जाते समय पकड़ा गया था। इस हत्याकांड में अभियोजन पक्ष की तरफ से नौ गवाह पेश किये गये।