बागपत निवासी वैज्ञानिक डॉ. रामकरण शर्मा को सऊदी अरब में सम्मानित किया गया।
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बागपत जिले के ट्योढ़ी गांव निवासी वैज्ञानिक डॉ. रामकरण शर्मा को सऊदी अरब की किंग अब्दुल्ला विज्ञान और प्रौद्योगिकी यूनिवर्सिटी में विशेष प्रशंसा पुरस्कार प्रदान किया गया। उन्हें कोविड-19 के दौरान शोध और प्रतिबद्धता के लिए सऊदी अरब में पुरस्कार और सराहना मिली। इससे पहले भी उन्हें कई अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुके हैं।
ट्योढ़ी गांव निवासी डॉ. रामकरण शर्मा ने बताया कि सऊदी अरब की किंग अब्दुल्ला विज्ञान और प्रौद्योगिकी यूनिवर्सिटी द्वारा उन्हें पुरस्कार दिया गया है। वह इसमें बतौर वैज्ञानिक कार्य करते हैं। हाल ही में उन्होंने शोध से दुनिया का ध्यान आकृष्ट किया है। उनको वर्ष 2017 में लाल सागर में दो किलोमीटर नीचे से बैक्टीरिया लेकर उनसे विशेष एंजाइम निकालने और उस पर शोध करने के लिए सऊदी अरब द्वारा पुरस्कार दिया गया था। इसके बाद वर्ष 2018 में उन्हें इटली में सर्वश्रेष्ठ अनुसंधान में रचनात्मकता पुरस्कार दिया गया। उनके रिसर्च पेपर को प्रतिष्ठित पब्लिकेशन स्प्रींगर अवार्ड से नवाजा गया। 55 देशों के 220 वैज्ञानिक प्रतिभागियों के बीच प्रतिद्वंद्विता में उन्हें यह पुरस्कार मिला था।
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डॉ. रामकरण शर्मा की ट्योढ़ी गांव के प्राइमरी स्कूल में प्रारंभिक शिक्षा हुई। वह आईआईटी दिल्ली से पढ़ाई पूरी करके अमेरिका, जर्मनी, जापान और सऊदी अरेबिया के वैज्ञानिकों के साथ प्रदूषण, चिकित्सा, पर्यावरण और दूसरे ग्रहों पर जीवन की खोज पर शोध कर रहे हैं। उनके शोध को पूरी दुनिया मान्यता देती है।
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इन अभियानों से जुड़े हैं
डॉ. रामकरण शर्मा सरकारी स्कूलों में कॅरियर और प्रेरक सेमिनार, कोरोना वायरस और सुरक्षा के बारे में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर चुके हैं। वहीं, विदेश में पढ़ाई, गांव में खेल को बढ़ावा, स्मार्ट मोबाइल फोन के अति प्रयोग से बचाव, युवाओं में वातावरण और पौधे लगाने के लिए जागरूकता अभियान चलाते हैं।
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