भाकियू अध्यक्ष नरेश टिकैत ने कहा कि चुनाव में हिस्सा लेना उनकी बड़ी भूल रही है, क्योंकि वह घाटे का सौदा रहा है। वह आज तक उसका खामियाजा भुगत रहे हैं। भाकियू अराजनीतिक है और भविष्य में कभी चुनाव में हिस्सा नहीं लेंगे। इसलिए मुजफ्फरनगर में होने वाली महापंचायत में राजनीति में आने का कोई फैसला नहीं होगा। वहां भाजपा का विरोध करने का फैसला होगा तो अन्य फैसले संयुक्त किसान मोर्चा लेगा।
नरेश टिकैत शुक्रवार को महापंचायत को लेकर बागपत के जिला पंचायत कार्यालय सभागार में भाकियू व रालोद नेताओं के साथ बैठक करने पहुंचे थे। वहां नरेश टिकैत ने कहा कि महापंचायत की सभी तैयारियां हो चुकी हैं और उसमें संयुक्त किसान मोर्चा ही फैसलों का एलान करेगा। भाजपा सबसे बड़ी किसान विरोधी पार्टी है, इसलिए चुनाव में उसका विरोध किया जाएगा। जहां तक चुनाव में साथ देने की बात है, तो किसानों के हित के लिए काम करने वाली पार्टी का पक्ष लिया जाएगा।
नरेश टिकैत ने रालोद व सपा की तारीफ करते हुए कहा कि इनके नेताओं ने किसानों के हित के लिए काम किया है। वहीं बसपा को सबसे ज्यादा गन्ना मूल्य बढ़ाने वाली पार्टी बताया। महापंचायत को लेकर कहा कि लाखों किसान व अन्य लोगों के पहुंचने की उम्मीद है। यह आजादी के बाद सबसे बड़ी महापंचायत होगी, जिसमें पूरे देश से लोग आएंगे। सरकार किसानों को बर्बाद करने में लगी है और हम ऐसा नहीं होने देंगे, चाहे इसके लिए कोई भी आहुति देनी पड़े।
उन्होंने कहा कि मुजफ्फरनगर में शनिवार से 50 जगह भंडारे शुरू हो जाएंगे। किसी किसान को खाने की समस्या नहीं होगी। इस बार किसान विरोधी सरकार को सबक सिखाने के लिए किसान जुट रहा है और उसमें सफल भी होंगे। इस दौरान भाकियू अध्यक्ष प्रताप गुर्जर, रालोद जिलाध्यक्ष डा. जगपाल सिंह तेवतिया, जिला पंचायत सदस्य सुभाष गुर्जर, भाकियू युवा जिलाध्यक्ष हिम्मत सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष राजेंद्र प्रधान, देशपाल, बहादुर, अशोक, संजीव, तेजपाल ठाकुर, अमित फौजी, मास्टर ओमवीर सिंह, संदीप तेवतिया, तनवीर, अजहर खान, मोहम्मद कलीम, एडवोकेट धर्मेंद्र काठा आदि मौजूद रहे।