अमर उजाला स्थापना दिवस
- ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे जिले से होकर गुजरा
- दिल्ली-सहारनपुर हाईवे के निर्माण से आसान सफर
अमर उजाला ब्यूरो
बागपत। बीतें 34 साल में जिले की सड़कों का हाल पूरी तरह बदल गया है। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे पर वाहन फर्राटा भर रहे हैं। दिल्ली-सहारनपुर हाईवे को स्टेट हाईवे से नेशनल हाईवे में बदलकर निर्माण कराया गया है। सोनीपत-मेरठ नेशनल हाईवे का निर्माण प्रगति पर है। सड़कें सुधरीं तो जिले में वाहनों की संख्या भी खूब बढ़ी हैं। बेहतर सड़कों से मंजिल की दूरियां घट गई हैं।
ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे
बागपत। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे (ईपीई) के निर्माण से हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, गाजियाबाद, नोएडा और ग्रेटर नोएडा तक सफर आसान हुआ। दिल्ली पर वाहनों का बोझ कम करने के लिए बनाए गए ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे एक्सिस कंट्रोल है। वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे के साथ मिलकर यह दिल्ली के चारों तरफ रिंग रोड बनाता है। निर्माण में 4617.87 करोड़ रुपये खर्च हुए। जिले में एक्सप्रेस-वे का करीब 20.125 किमी हिस्सा है। दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर मवी कलां में इंटरचेंज बनाया गया है।
नेशनल हाईवे में बदल गए स्टेट हाईवे
बागपत। लंबे समय से निर्माण के इंतजार में लटके दिल्ली-सहारनपुर स्टेट हाईवे को नेशनल हाईवे 709बी बनाया गया। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे से निर्माण शुरू हुआ, जिले में अधिकतर जगह कार्य पूरा हो जा चुका है। निर्माण से सहारनपुर तक लोगों का आवागमन आसान हो गया है। सोनीपत-बागपत-मेरठ स्टेट हाईवे को भी नेशनल हाईवे में बदला गया है। जिले में निर्माण कार्य प्रगति पर है। इनके अलावा विश्व बैंक की ओर से बड़ौत-बुढ़ाना मार्ग का निर्माण जिले में पूरा हो गया है। हरियाणा, यूपी और उत्तराखंड को जोड़ने वाला यह मुख्य मार्ग है।
मील का पत्थर बनेगा इकनॉमिक कॉरिडोर
बागपत। दिल्ली-सहारनपुर-देहरादून इकनॉमिक कॉरिडोर जिले के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होने जा रहा है। जिले के 21 गांव से होकर गुजरने वाले कॉरिडोर के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
जिले में नेशनल हाईवे, एक्सप्रेस-वे और कॉरिडोर से खुशहाली का रास्ता खुल रहा है। गांव देहात से लेकर शहरों तक की सड़कों पर काम किया गया है। - शकुंतला गौतम, डीएम।